फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnataka: हेमावती नहर परियोजना पर बवाल, हिंसक हुआ किसानों का आंदोलन; टुमकुरु में 11 एफआईआर दर्ज

Sun, 01 Jun 2025 11:30 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टुमकुरु (कर्नाटक)।

सार

Karnataka: कर्नाटक के टुमकुरु में हेमावती संपर्क नहर परियोजना के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें तोड़फोड़ और पत्थरबाजी हुई। अब तक 11 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं और कई नेताओं पर मामले दर्ज हुए हैं। किसान परियोजना को अपने हक के पानी पर खतरा मान रहे हैं।
विज्ञापन
टायर जलाकर विरोध जताते प्रदर्शनकारी - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक के टुमकुरु जिले के गुब्बी तालुक में शनिवार को हेमावती संपर्क (लिंक) नहर परियोजना के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन हिंसक होने के बाद 11 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। 

विज्ञापन

 
विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने निर्माण स्थल पर भारी मशीनें जब्त कर नहर में डाली जा चुकी बड़ी पाइपों को कुचल डाला। साथ ही टायर जलाए गए, रास्ते रोके गए और पुलिस पर पत्थर भी फेंके गए। यह सब तब हुआ जब प्रशासन ने इलाके में 10 किलोमीटर की सीमा में निषेधाज्ञा लागू कर रखी थी।

ये भी पढ़ें: कातिल किरायेदार की खौफनाक वारदात: सोते मकान मालिक पर डाला मिट्टी तेल और लगा दी आग, रेंट के बदले लूटता था आबरू
विज्ञापन


हालांकि, प्रदर्शन का एक हिस्सा शांतिपूर्ण भी रहा, जिसमें पदयात्रा, धार्मिक नेताओं और विपक्षी विधायकों की भागीदारी भी देखी गई। प्रदर्शन का मकसद नहर का काम रुकवाना था, जिसे किसान अपने क्षेत्र के पानी के अधिकार पर खतरा मानते हैं। किसानों का कहना है कि इस परियोजना के तहत हेमावती नदी का पानी बंगलूरू के रामनगर जिले की ओर मोड़ा जा रहा है, जिससे टुमकुरु के खेतों की सिंचाई पर असर पड़ेगा।

प्रदर्शन में शामिल भाजपा विधायक बी. सुरेश गौड़ा, भाजपा नेता एस.डी. दिलीप कुमार और जेडीएस के नेता नागराजू सहित कई प्रमुख नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। 

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जिले के प्रभारी मंत्री जी. परमेश्वर को किसानों की चिंता को सुनने का निर्देश दिया। हालांकि, मंत्री परमेश्वर ने इस प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि यह परियोजना तकनीकी समिति की सिफारिश पर और सभी दलों की सहमति से मंजूर हुआ है।

उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी कहा कि यह परियोजना टुमकुरु को नुकसान नहीं पहुंचाएगी और सरकार सभी क्षेत्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। 

ये भी पढ़ें: जेपी नड्डा बोले: सिर्फ नारे लगाता रहा विपक्ष, PM मोदी ने किया असली काम, 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला
विज्ञापन


वहीं, कांग्रेस विधायक एस.आर. श्रीनिवास ने किसानों की चिंताओं को सही बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि वह हिंसा के समर्थन में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह बीमार हैं और उन्हें प्राथमिकी की जानकारी नहीं है। उन्होंने तकनीकी समिति की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए।
 
भाजपा विधायक सुरेश गौड़ा ने बताया कि जिले के उपायुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया है कि काम फिलहाल रोका जाएगा और मशीनें हटाई जाएगी। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी, हमने सरकार को एक महीने का समय दिया है। अगर दोबारा काम शुरू हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें