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उत्तराखंड के हालात पूरी तरह नियंत्रण में : गृह मंत्री

Tue, 03 May 2016 02:16 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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जंगल में आग - फोटो : ANI
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उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग पर स्थिति स्पष्ट करते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आग को लेकर अब चिंता की बात नहीं है। हालात पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास जंगल में लगी आग से जान के नुकसान की औपचारिक सूचना नहीं है। सिंह ने आग के वजह से 4 लोगों के मौत की खबर पर कहा कि स्थानीय प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। राजनाथ ने लोकसभा में सांसदों की चिंता दूर करते हुए  जंगलों में लगी आग के मामले में सरकार के प्रयासों को सामने रखा।
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सिंह ने कहा कि उनके पास जो जानकारी है उसके लिहाज से स्थानीय प्रशासन और गृह मंत्रालय के प्रयास से जंगलों में लगी आग की स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की 3 टीमें, सेना के एमआई-17 हेलिकाप्टर और विशेषज्ञों की टीम आग बुझाने में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर जुटी हुई हैं।

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय ने शून्य काल के दौरान मामला उठाते हुए कहा कि उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग के भयावह रूप सामने आ रहे हैं। 8 लोगों के आग के चलते जान जाने की खबर है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि तमाम प्रयासों के बावजूद आग उत्तराखंड के जंगलों के बाद हिमाचाल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर तक पहुंच रही है।
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पिछले साल की तुलना में अधिक आग

आग की सबसे ज्यादा आशंका चीड़ के जंगलों में होती है। चीड़ के जंगल ही हिमाचल में करीब 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर में फैले हैं। प्रदेश को आग लगने के लिहाज से अति संवेदनशील, मध्यम संवेदनशील और संवेदनशील की श्रेणी में रखा है। करीब साढ़े तीन सौ बीट ऐसी हैं जिन्हें अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा है जबकि 1020 को लो सेंसटिविटी और 667 को मीडियम सेंससिटिविटी जोन में रखा है। - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद हरिद्वार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने भी उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग से हुए भयंकर तबाही का मंजर बयां करते हुए कहा कि कई पशु, चिड़िया और पौधे आग में स्वाहा हो गए हैं। तो कई जीव जंतुओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि आग के ऊपरी हिस्से में पहुंचने के वजह से ग्लेशियरों पर खतरा मंडराने लगा है। केदारनाथ आपदा और वर्तमान आग की प्राकृतिक घटना से सबक लेते हुए उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द हिमालय प्राधिकरण के गठन की मांग की।

उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि इस साल के पहले चार महीनों में पिछले साल की तुलना में जंगलों में आग लगने की अधिक घटनाएं हुई हैं। केंद्रीय मंत्री ने राज्य सभा में एक लिखित जवाब में कहा कि केंद्र ने इस तरह की आपदाओं से निपटने के लिए आपात योजना तैयार की है।

उन्होंने कहा कि इस साल 21 अप्रैल जंगलों में आग लगने की 20,667 घटनाएं हो चुकी हैं। साल 2015 यह संख्या 15,937 थी। वहीं, गृहराज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उत्तराखंड में स्थिति नियंत्रण में है और विशेषज्ञ आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए पहले ही उत्तराखंड पहुंच चुके हैं।
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