केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वर्ष 2011 में एयर इंडिया के लिए खरीदे गए 225 करोड़ रुपये के सॉफ्टवेयर में कथिततौर पर अनियमितता की जांच के क्रम में सरकारी विमानन कंपनी के अज्ञात अधिकारियों, जर्मन कंपनी एसएपी एजी और वैश्विक कंप्यूटर कंपनी आईबीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
जांच एजेंसी ने केंद्रीय सतर्कता आयोग की सलाह पर मामला दर्ज किया है। आयोग ने पहली नजर में सॉफ्टवेयर की खरीद में अनियमितता पाई है। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद आयोग ने सीबीआई को पत्र भेजकर कहा कि इस सौदे में गंभीर खामियां दिखती है।
सतर्कता आयोग ने सीबीआई से टेंडर जारी करने और ठेका आवंटित करने में खामियों के साथ एसएपी और आईबीएम को फायदा पहुंचाने की जांच करने को कहा है। आयोग ने एजेंसी से यह भी कहा है कि जिन व्यक्तियों ने इस सौदे को लेकर आईबीएम और सरकार के साथ डील किया क्या उनमें से किसी को कोई वित्तीय लाभ पहुंचाया गया या नहीं, इसकी भी जांच हो। सीबीआई ने आपराधिक षड्यंत्र रचने और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।