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निर्मला सीतारमण का पलटवार: मनमोहन से ये उम्मीद नहीं थी, उनका बयान भारत को गर्त में धकेलने की कोशिश

Fri, 18 Feb 2022 12:59 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के निर्यात, एफडीआई और महंगाई के आंकड़ों की तुलना मनमोहन सरकार से करते हुए अपने आंकड़ों को बेहतर बताया। सीतारमण ने कहा कि मनमोहन सिंह ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में याद किए जाएंगे जिनके शासन में लगातार 22 महीने तक महंगाई दर दो अंकों में थी और देश की पूंजी बाहर जा रही थी।
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निर्मला सीतारमण - फोटो : ANI
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विस्तार
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के वीडियो संदेश में अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को उसका जवाब देने सामने आईं। मनमोहन सिंह पर पलटवार करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि डॉक्टर सिंह को भारत को ‘कमजोर पांच’ में लाने और बेतहाशा महंगाई दर के लिए ज्यादा याद किया जाएगा।

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निर्मला सीतारमण ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर यूपीए शासन के दौरान अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया में तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में गिना जा रहा है, तो ऐसे समय में मनमोहन सिंह भारत को नीचे धकेलने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि 88 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री ने पंजाब में 20 फरवरी को होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा जारी एक वीडियो में कहा कि "उन्हें (भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार) आर्थिक नीति की कोई समझ नहीं है ... अमीर लोग अमीर हो रहे हैं जबकि गरीब लोग गरीब हो रहे हैं।"
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सिंह ने कहा कि मोदी सरकार, जो पिछले साढ़े सात साल से सत्ता में है, अपनी गलतियों को स्वीकार करने और संशोधन करने के बजाय लोगों की समस्याओं के लिए पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू को दोषी ठहरा रही है।

मनमोहन से ये उम्मीद नहीं थी, मैं आहत हूं: सीतारमण
उन्होंने एनएसई प्रमुख चित्रा रामकृष्ण द्वारा हिमालय के योगी की सलाह पर शेयर बाजार का संचालने के लिए भी सिंह को निशाने पर लिया और कहा कि मनमोहन सिंह को तो यह तक पता नहीं था कि उनके कार्यकाल में लंबे समय तक सर्राफा बाजार कैसे काम कर रहा था। सीतारमण ने कहा, 'मेरे मन में आपके लिए बहुत सम्मान है। मैंने आपसे यह उम्मीद नहीं की थी। और मैं आहत हूं।'

केंद्रीय वित्त मंत्री ने मोदी सरकार के निर्यात, एफडीआई और महंगाई के आंकड़ों की तुलना मनमोहन सरकार से करते हुए अपने आंकड़ों को बेहतर बताया। सीतारमण ने कहा कि मनमोहन सिंह ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में याद किए जाएंगे जिनके शासन में लगातार 22 महीने तक महंगाई दर दो अंकों में थी और देश की पूंजी बाहर जा रही थी। उन्होंने महंगाई को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधने वालों पर मुद्दे को लेकर भ्रम पैदा करने का भी आरोप लगाया।

राजनीतिक कारणों से भारत को पीछे खींचने का प्रयास कर रहे हैं: सीतारमण
सीतारमण ने मनमोहन सिंह पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक कारणों से भारत को पीछे खींचने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि कोविड महामारी के बावजूद भारत सबसे तेजी से विकास कर रही बड़ी अर्थव्यवस्था है और अगले साल भी ऐसा ही रहने की संभावना है। उन्होंने यह जानना चाहा कि वह कहीं पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए तो ऐसा नहीं कर रहे हैं।

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महंगाई बढ़ रही, कई परिवार सूखी रोटी खाने को मजबूर: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी बृहस्पतिवार को बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने कहा, देश में महंगाई बढ़ रही है और कमाई घट रही है। उन्होंने ट्विटर पर एक आर्टिकल साझा करते हुए कहा, आंकड़ों से साफ है, महंगाई बढ़ती जा रही है, आमदनी घटती जा रही है। लेकिन जनता की परेशानी व दर्द को कैसे नापें। कितने परिवार सूखी रोटी खाने पर मजबूर हैं? 

कितने बच्चों को स्कूल से निकाल लिया गया। कितनी महिलाओं के गहने गिरवी रखे गए। कितनों की हंसी छिन चुकी है मोदी सरकार? राहुल गांधी ने जिस खबर को ट्विटर पर साझा किया, उसमें लिखा था कि मंहगाई 7 महीने में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। जनवरी में रिटेल महंगाई दर 6.01 प्रतिशत पर पहुंची। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी महीने में शहरी गरीबों ने भारी महंगाई झेली है।
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