मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखते हुए भाजपा ने 230 में से दो तिहाई से अधिक 163 सीटें जीत लीं। वहीं, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में पार्टी ने कांग्रेस से सत्ता छीन ली। राजस्थान में उसे 115 सीटें मिलीं। तो छत्तीसगढ़ की 90 सीटों में भाजपा को 54 पर जीत हासिल हुई।
चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षियों के सपने चूर कर दिए। भाजपा ने चार राज्यों में से तीन में स्पष्ट बहुमत हासिल कर बता दिया कि जनता के मन में कौन है। नतीजों ने विपक्ष की रणनीति व एका को तार-तार कर दिया है, तो भाजपा को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले नई ऊर्जा से भर दिया है।
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जानें प्रदेशों का हाल
मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखते हुए भाजपा ने 230 में से दो तिहाई से अधिक 163 सीटें जीत लीं। वहीं, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में पार्टी ने कांग्रेस से सत्ता छीन ली। राजस्थान में उसे 115 सीटें मिलीं। तो छत्तीसगढ़ की 90 सीटों में भाजपा को 54 पर जीत हासिल हुई। कांग्रेस के लिए राहत की खबर दक्षिण के तेलंगाना से आई, जहां उसने बीआरएस को सत्ता से बेदखल कर दिया है। कांग्रेस को यहां 119 में 64 सीटें मिलीं। उधर, पीएम मोदी की सियासी धुन से बंधे मतदाताओं ने देश में भाजपा के सीधे शासन वाले राज्यों की संख्या 9 से बढ़ाकर 11 कर दी है।
गहलोत, बघेल और केसीआर से सौंपा इस्तीफा
2011 में असम में तरुण गोगोई की सरकार दोबारा बनने के बाद से कांग्रेस की कोई भी सरकार दूसरी बार चुनाव नहीं जीत सकी।
मोदी के राष्ट्रीय राजनीति में पदार्पण के बाद से भाजपा ने यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, असम, मध्य प्रदेश व गुजरात में सरकारें दोहराईं।
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल व तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव ने राज्यपाल को इस्तीफे सौंप दिए।