महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में अंतरजातीय शादी करने पर एक पिता ने बेटी और दामाद को जिंदा जला दिया क्योंकि वो दोनों की शादी से खुश नहीं था। इलाज के दौरान बेटी की अस्पताल में मौत हो गई जबकि दामाद 40 प्रतिशत तक झुलस गया और वह जिंदगी के लिए जद्दोजहद कर रहा है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगेश चंद्रकांत राणासिंह (23) और उसकी पत्नी रुक्मणि भारतीय (23) को पिता और उसके कुछ रिश्तेदारों ने आग लगा दी क्योंकि अलग जाति के होने के बावजूद दोनों ने शादी की थी। इस जघन्य अपराध में शामिल उसके दो भाईयों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार यह घटना पारनेर तालुका के निघोज गांव में एक मई को घटित हुई है। लड़की का पिता दिहाड़ी मजदूर है। उसने अपने दो भाईयों की मदद से बेटी और दामाद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी और उसके रिश्तेदार लगभग छह महीने पहले हुई इस अतंर जातीय शादी के सख्त खिलाफ थे। वहीं आरोपियों की पहचान रमा भरतिया (फरार) और उसके भाई सुरेंद्र भरतिया और घनश्याम सरोज हैं।
पारनेर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 307 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच कर रहे असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर विजय कुमार बोत्रे ने बताया कि पेशे से दिहाड़ी मजदूर रणसिंह लोहार जाति से है। जबकि नौकरानी के तौर पर काम करने वाले रुक्मणी पासी जाति से थी।
बोत्रे के अनुसार यह घटना पिता के आवास पर घटी। रणसिंह यहां रुक्मणी को लेने के लिए आया था। जोड़े के बीच हुई छोटी सी लड़ाई के बाद रुक्मणी अपने पिता के घर आ गई थी। उन्होंने बताया, 'रणसिंह और रिश्तेदारों के बीच किसी बात पर बहस हो गई जिसके बाद गुस्से में आकर आरोपी ने मंगेश और रुक्मणी पर मिट्टी का तेल छिड़ककर उनपर आग लगा दी।'
जोड़े की चिल्लाने की आवाज ने पड़ोसियों का ध्यान खींचा और उन्होंने आग बुझाकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस पीड़िता के पिता को गिरफ्तार करने के लिए कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस ने बताया कि पुणे के ससून अस्पताल में रुक्मणी ने आखिरी सांस ली। मंगेश 40 प्रतिशत तक जल चुका है और जिंदगी जीने के लिए संघर्ष कर रहा है। मरने से पहले पुलिस को दिए बयान में रुक्मणी ने अपने पिता और दो चाचाओं को हत्यारोपी बताया है।