पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदलापुर यौन उत्पीड़न के आरोपी अक्षय शिंदे के पिता अन्ना शिंदे ने बेटे की मौत की एसआईटी से जांच कराने की मांग की है। आरोपी के पिता ने इसे लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। वकील अमित कटारनवारे के जरिये दायर याचिका में उन्होंने बेटे को फर्जी मुठभेड़ में मारने का आरोप लगाया।
पुलिस ने बताया कि बदलापुर के स्कूल में सफाईकर्मी के रूप में काम करने वाले अक्षय शिंदे को सोमवार को एक अन्य मामले की जांच के सिलसिले में जब तलोजा जेल से बदलापुर ले जाया जा रहा था तभी उसने पुलिसकर्मियों में से एक की बंदूक छीन ली और गोली चला दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की। घटना के बाद आरोपी को कालवा स्थित एक अस्पताल ले जाया गया, जहां चोटों के चलते उसने दम तोड़ दिया।
बेटे की मौत की जांच की मांग को लेकर दायर की गई याचिका में अन्ना शिंदे ने कहा है कि हत्या की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाना चाहिए और उच्च न्यायालय को जांच की निगरानी करनी चाहिए। हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने सीआईडी से मौत की जांच कराने की बात कही है। अन्ना शिंदे के वकील कतरनवारे ने कहा कि आरोपी हिरासत में था जब उसे फर्जी मुठभेड़ में गोली मार दी गई। यह वर्दीधारी अपराधियों द्वारा की गई निर्मम हत्या है। याचिका पर न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ बुधवार को सुनवाई करेगी।
मेरा बेटा पटाखे फोड़ने तक से डरता था : अन्ना
बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले के आरोपी अक्षय शिंदे के पिता अन्ना शिंदे ने कहा कि परिवार ने निष्पक्ष सुनवाई के बाद अदालत के फैसले को स्वीकार कर लिया था। उन्होंने पुलिस के अक्षय के गोली चलाने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम न्याय चाहते हैं। मेरा बेटा पटाखे फोड़ने से डरता था, वह एक पुलिस अधिकारी से पिस्तौल कैसे छीन सकता है और गोली चला सकता है।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने यौन उत्पीड़न मामले में आरोप पत्र दायर किया था और उस पर मुकदमा चलाया जा सकता था। परिवार ने मुकदमे के बाद अदालत द्वारा दिए गए फैसले को स्वीकार कर लिया था। लेकिन हम गरीब लोग हैं; हमारे पास आवाज नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने कुछ अज्ञात कारणों से उनके बेटे को मार डाला। उन्होंने कहा कि परिवार बुधवार को अंतिम संस्कार के लिए अक्षय का शव लेगा। वहीं सरकारी जेजे अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद अक्षय शिंदे का शव ठाणे जिले के कलवा के अस्पताल भेज दिया गया।