केंद्र द्वारा बनाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ बीते दो माह से दिल्ली की सीमाओं पर शांतिपूर्वक चल रहा किसान आंदोलन गणतंत्र दिवस के मौके पर उग्र हो उठा। राष्ट्रीय पर्व पर दिल्ली की ऐतिहासिक परेड पर किसानों के उग्र प्रदर्शन ने पानी फेर दिया। ट्रैक्टर रैली अचानक हिंसक हो गई और राजधानी के कई हिस्सों में पुलिस व कथित किसानों के बीच जमकर तकरार हुई। लुटियंस दिल्ली में ट्रैक्टर परेड करने की मंशा से सैकड़ों ट्रैक्टरों में हजारों कार्यकर्ता पहुंचे और पुलिस के साथ सहमति से तय रूट को छोड़ते हुए मनमाने ढंग से रैली निकालने पर अड़ गए। आगे जो हुआ, वह शर्मनाक था। गणतंत्र के उल्लास पर हिंसक आंदोलन ने कालिख पोत दी। बहरहाल, संयुक्त किसान मोर्चे ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया है कि असामाजिक तत्व रैली में घुस आए थे। उन्होंने उपद्रव किया, जिसकी वह निंदा करता है। उधर दिल्ली पुलिस ने चार केस दर्ज किए हैं। आगे पढ़ें आंखों देखा हाल...