कृषि कानून के खिलाफ किसानों का आज 10वें दिन भी विरोध जारी है। दिल्ली बॉर्डर पर जमे किसान संगठनों और सरकार के बीच आज पांचवें दौर की बातचीत खत्म हो गई है। गुरुवार को हुई चौथे दौर की बातचीत में कोई सहमति नहीं बन पाई। किसान संगठन कानून को पूरी तरह वापस लेने पर अड़े हैं। इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की गई है। वहीं दूसरी ओर बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सरकार की ओर से प्रेस वार्ता कर पक्ष रखा।
भारत बंद पर केंद्रीय कृषि मंत्री बोले- उनके अपने कार्यक्रम हैं
भारत बंद पर केंद्रीय कृषि मंत्री बोले उनके अपने कार्यक्रम हैं, मैं उनपर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मैं सभी यूनियनों, किसान नेताओं से कहना चाहता हूं कि आंदोलन का रास्ता छोड़ चर्चा के रास्ते पर आएं। भारत सरकार कई दौर की चर्चा कर चुकी है और समाधान के लिए आगे भी चर्चा करने को तैयार है। कृषि मंत्री ने किसान आंदोलन में शामिल हो रहे बुजुर्गों और बच्चों को घर भेजने की अपील भी की।
मोदी सरकार में किसानों की आमदनी बढ़ी
कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि हम लोग चाहते थे कि कुछ विषयों पर सुझाव मिल जाए, लेकिन बातचीत के दौर में ये नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अब 9 दिसंबर को वार्ता होगी। हमने कहा कि समाधान का रास्ते खोजें। सबके सहमति से अगली बातचीत की तारीख तय की गई। सर्दी और कोरोना का समय है। मोदी सरकार लगातार किसानों की भलाई के लिए काम कर रही है। मोदी सरकार में किसानों की आमदनी बढ़ी है।
जो कुछ भी सरकार करेगी वो किसानों के हित में करेगी
कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि जो कुछ भी सरकार करेगी वो किसानों के हित में करेगी। सरकार का राज्य की मंडियों को प्रभावित करने का कोई इरादा नहीं है। एपीएमसी और मजबूत हो, सरकार इसके लिए तैयार है। सरकार एपीएमसी पर गलतफहमी को दूर करने के लिए तैयार है।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान नेताओं से बातचीत खत्म होने के बाद प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि हमने किसान नेताओं को कहा है कि एमएसपी जारी रहेगा, इसे कोई खतरा नहीं है। इस पर शक करना बेबुनियाद है। फिर भी, अगर किसी को संदेह है तो सरकार इसे सुलझाने के लिए तैयार है। उन्होंने बैठक में किसान नेताओं से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को प्रदर्शन स्थलों से घर वापस भेजने की अपील की।