थोड़ी देर में टिकैत ने मंच से संबोधन दिया। इस दौरान वे रो पड़े। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए आंदोलन खत्म करने से मना कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि यदि तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे तो वे आत्महत्या कर लेंगे। उनके भावुक होने के बाद रात में माहौल बदल गया। उनके भावुक होने से गांव में बवाल बढ़ गया। नरेश टिकैत ने रात में मुजफ्फरनगर में आपातकालीन पंचायत बुलाई। पंचायत में हजारों किसान पहुंचे। किसानों की एकजुटता के सामने केंद्र और यूपी सरकार बैकफुट पर आ गई। फिर किसानों को सीमा से हटाने के लिए तैनात की गई पुलिस फोर्स को वापस बुला लिया गया।
टिकैत का दावा- सुबह तक बड़ी संख्या में पहुंचेंगे किसान
देर रात मीडिया से बातचीत में राकेश टिकैत ने दावा किया कि शुक्रवार सुबह तक तमाम जिलों से बड़ी तादात में किसान गाजीपुर सीमा पर पहुंच जाएंगे। बता दें कि दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है उनमें टिकैत का भी नाम है। उनके खिलाफ गंभीर धाराओं और यूएपीए के तहत केस दर्ज किया गया है। ऐसे में उनके ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।