कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन अभी भी जारी है। आज इस आंदोलन पर बैठे किसानों को दस दिन हो गए हैं, लेकिन सरकार और किसान संगठनों के बीच अभी तक कोई आपसी सहमति नहीं बन पाई है। किसानों को यही मांग है कि एमएसपी पर कानून लाया जाए और इस कानूनों को वापस लिया जाए।
किसानों को पहले से विपक्षी पार्टियों का समर्थन मिल रहा था, जिसमें कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मुखर होकर भाजपा द्वारा लाए गए कानूनों का विरोध कर रहे हैं। अब बिहार की बड़ी विपक्षी पार्टी राजद और तमिलनाडु की डीएमके ने भी किसान आंदोलन के समर्थन में मोर्चा खोल लिया है।
राष्ट्रीय जनता दल पटना के गांधी मैदान में किसान कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी केंद्र सरकार से यही मांग है कि केंद्र इन तीनों काले कानूनों को निरस्त करे।
मिला डीएमके का समर्थन
इसके अलावा तमिलनाडु में डीएमके ने भी किसान आंदोलन का समर्थन किया है। केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ पार्टी के प्रमुख एमके स्टालिन ने रैली निकाली और कहा कि हम इन कानूनों को लेकर कोर्ट तक गए, केरल और पंजाब पहले ही कोर्ट का दरवाजा खटखटा हो चुके हैं। हमारे मुख्यमंत्री कहते हैं कि पहले वो किसान हैं, तो उन्होंने अभी तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया?
संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग
इसके अलावा चिल्ला बॉर्डर पर किसान आंदोलन का समर्थन करने समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता भी पहुंचे। दिल्ली बॉर्डर पर जमे किसान संगठनों और सरकार के बीच आज पांचवें दौर की बातचीत होगी। किसान संगठन कानून को पूरी तरह वापस लेने पर अड़े हैं। इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की गई है।
भारत बंद का वाम दलों ने किया समर्थन
वाम दलों ने किसान संगठनों की ओर से आठ दिसंबर को बुलाए गए राष्ट्रव्यापी बंद को शनिवार को समर्थन करने की घोषणा की। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी), रिव्ल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने संयुक्त वक्तव्य में यह घोषणा की।
बयान में कहा गया है कि वाम दल नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हैं और इन प्रदर्शनों का समर्थन करते हैं। वाम दलों ने बयान में कहा कि वे किसानों द्वारा तीन कृषि कानूनों और बिजली (संशोधन) विधेयक-2020 को वापस लेने की मांग का भी समर्थन करते हैं।