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Farmers Protest: बैकफुट पर आ सकती है सरकार, लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले किसानों की मांगों पर बन सकती है बात

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 21 Feb 2024 06:42 PM IST

सार

केंद्र सरकार के सूत्रों का कहना है, किसानों के साथ जल्द ही सार्थक वार्ता होगी। इसमें किसानों की अधिकांश मांगें मानी जा सकती हैं। हालांकि उनमें बहुत छोटे बदलाव होना संभावित है। किसानों के दिल्ली कूच को लेकर केंद्र सरकार को जो इनपुट मिल रहे हैं, वे बहुत चौंकाने वाले हैं...
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Farmers Protest - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar


भारतीय किसान संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक 23, 24 व 25 फरवरी को राजस्थान के किशनगढ़ में आयोजित की जा रही है। संघ के महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने बताया, किशनगढ़ में आयोजित हो रही बैठक में अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों के साथ, देशभर के समस्त प्रांत व प्रदेश की कार्यकारिणी के कार्यकर्ता, संभाग, प्रांत व क्षेत्र के संगठन मंत्री सम्मिलित होंगे। तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में देशभर से आये किसान प्रतिनिधि कृषि क्षेत्र व किसानों की समस्याओं पर विभिन्न सत्रों में चर्चा करेगें।

इस बैठक में किसान आंदोलन पर भी चर्चा की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ शंभू बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी संगठन के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल ने कहा, सरकार की तरफ से बातचीत का न्योता आया है। हालांकि किसानों को यह बात मालूम है कि सरकार गंभीर नहीं है। क्या सरकार, सिर्फ समय बर्बाद करने के लिए ही वार्ता करना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, खुद यह बयान जारी करें कि सरकार सभी फसलों पर एमएसपी कानून बनाने और किसानों की दूसरी मांगों को मानने के लिए तैयार हैं।

केंद्र सरकार के सूत्रों का कहना है, किसानों के साथ जल्द ही सार्थक वार्ता होगी। इसमें किसानों की अधिकांश मांगें मानी जा सकती हैं। हालांकि उनमें बहुत छोटे बदलाव होना संभावित है। किसानों के दिल्ली कूच को लेकर केंद्र सरकार को जो इनपुट मिल रहे हैं, वे बहुत चौंकाने वाले हैं। अगर दिल्ली कूच जारी रहता है, तो उसमें जान माल का बड़ा नुकसान संभावित है। किसानों के पास, पुलिस से भिड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। दूसरा, इस कूच का सबसे ज्यादा असर दिल्ली पर देखने को मिल रहा है। स्कूलों की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। दिल्ली के अधिकांश बॉर्डर पर पुलिस ने किलेबंदी कर रखी है। इसके अलावा अब दूसरे राज्यों के किसान संगठन भी शंभू बॉर्डर पहुंच सकते हैं। इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि आंदोलन जारी रहने की स्थिति में किसान, रेल ट्रैक बाधित कर सकते हैं। अगर एसकेएम ने किसान आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की तो स्थिति खराब हो सकती है। इसके मद्देनजर, प्रधानमंत्री या केंद्रीय गृह मंत्री, किसानों के पक्ष में कोई घोषणा कर सकते हैं।

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