फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत बंदः टिकैत के बाद पहली बार इतना सफल रहा किसान आंदोलन, पूरे देश में उठा सहानुभूति का ज्वार

Tue, 08 Dec 2020 04:21 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • किसान नेताओं ने कहा- आंदोलन एतिहासिक तौर पर सफल, पूरे देश ने दिया साथ, हर जगह बंद रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बहुत कम वाहन सड़कों पर दिखाई पड़े
  • देश की राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक, बाजार, मंडियां खुले रहे, लेकिन हर जगह दिखा अन्नदाताओं के लिए समर्थन
विज्ञापन
यूपी बॉर्डर पर आंदोलन करते किसान, बैठकर बातचीत करते हुए, किसान नेता अपने साथियों को संघर्ष के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा करते हुए - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत बंद की कामयाबी से किसान नेता खासे उत्साहित हैं। किसानों ने दावा किया कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के बाद पहली बार कोई किसान आंदोलन इतना सफल रहा है जिसे आदर्श के तौर पर याद किया जाएगा। आंदोलन के मूल में रहे पंजाब और हरियाणा में किसान आंदोलन सबसे ज्यादा प्रभावी रहा तो देश के बाकी हिस्सों में भी इसका खूब असर देखा गया।

विज्ञापन


खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जगह-जगह पर किसानों ने प्रदर्शन किया और यातायात बाधित किया। महाराष्ट्र के किसान नेताओं ने बंद को बेहद सफल बताया। तेलंगाना में बंद के कारण यातायात और आम जन जीवन पर काफी असर पड़ा। पूरे देश में व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे तो बहुत कम वाहन सड़कों पर दिखाई पड़े। पूरे भारत बंद के बीच कहीं से भी हिंसा की कोई खबर नहीं आई।


भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने अमर उजाला से कहा कि किसानों द्वारा बुलाया गया भारत बंद पूरी तरह से सफल रहा है। किसानों के मुद्दे पर उन्हें देश के हर कोने से, समाज के हर हिस्से से समर्थन मिला है। पूरे देश के उनके किसान साथियों ने उन्हें जानकारी दी है और बताया है कि आंदोलन पूरे देश में अभूतपूर्व रूप से सफल रहा है। किसान नेता ने कहा कि पांचवें दौर की बातचीत के बाद से अभी तक सरकार से उनका कोई संवाद नहीं हुआ है, लेकिन नौ दिसंबर को होने वाली छठे दौर की बातचीत बहुत महत्पूर्ण हो सकती है।
विज्ञापन


राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। पूरे कानूनों को वापस लेने से कम कुछ भी किसानों को स्वीकार्य नहीं होगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य का मुद्दा पूरी मांगों का एक छोटा सा हिस्सा भर है, यह पूरी मांग नहीं है। इसलिए अगर सरकार केवल एमएसपी पर किसानों को मनाने की कोशिश करती है तो भी बातचीत नहीं बनने वाली है। सरकार को पूरा कानून वापस लेना पड़ेगा।

कामयाब बंद के लिए किसानों ने दिया देश का धन्यवाद

ऑल इंडिया किसान संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रीय संयोजक सरदार वीएम सिंह ने अमर उजाला से कहा कि पूरे देश में भारत बंद का कार्यक्रम सफल रहा है। पूरे देश में हर वर्ग से उन्हें समर्थन मिला है जो यह बताता है कि पूरा देश किसानों के मुद्दे पर उनके साथ है। उन्होंने उनके साथ आए किसानों को भी धन्यवाद दिया और कहा कि जब किसानी के लिए यह समय बहुत महत्पूर्ण है, किसान समय निकालकर आंदोलन करने के लिए दिल्ली आए हैं।

महाराष्ट्र की किसान नेता प्रतिभा शिंदे ने कहा कि पश्चिमी भारत में भी आंदोलन पूरी तरह सफल रहा है। उनके किसान भाइयों के साथ-साथ व्यापारियों ने बंद का पूर्ण समर्थन करते हुए अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखे। उन्होंने कहा कि हमने यह तय किया था कि किसी भी जगह पर किसी को भी बंद में शामिल होने के लिए जोर-जबरदस्ती नहीं की जाएगी। इसके बाद भी समाज के हर वर्ग से उन्हें समर्थन मिला जो यह साबित करता है कि देश उनके साथ है। उन्होंने कहा कि आज के बंद को देखते हुए सरकार को किसानों की मांग मान लेनी चाहिए।

तेलंगाना के किसान नेता किरन कुमार विस्सा ने कहा कि उनके राज्य में भारत बंद बहुत सफल रहा है। उनके साथियों ने बताया है कि राज्य में कहीं भी वाहन सड़कों पर नहीं उतरे। लोगों ने स्वतः स्फूर्त ढंग से भारत बंद का समर्थन किया है। उन्होंने माना कि कई राजनीतिक दलों के साथ आने से भारत बंद ज्यादा प्रभावी रहा। किसान नेता ने कहा कि भारत बंद की सफलता यह बताती है कि किसान वास्तविक मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं और सरकार को किसानों की मांगों पर विचार करना चाहिए।

विज्ञापन


फोटो- यूपी बॉर्डर पर आंदोलन करते किसान, बैठकर बातचीत करते हुए, किसान नेता अपने साथियों को संघर्ष के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा करते हुए

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें