किसान नेता जेपी गावित ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मुंबई में बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि हमने 12-13 मांगें रखी हैं और उन सभी पर चर्चा की है, लेकिन सरकार को किए गए फैसलों पर अमल करना है।
अपनी मांगों को लेकर हजारों किसानों के मुंबई की ओर मार्च के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को कहा कि आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों के साथ उनकी बैठक सकारात्मक रही और सरकार इस मुद्दे पर विधायिका में बयान देगी।
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किसान नेता ने सरकार को दिया अल्टीमेटम
किसान नेता जेपी गावित ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मुंबई में बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि हमने 12-13 मांगें रखी हैं और उन सभी पर चर्चा की है, लेकिन सरकार को किए गए फैसलों पर अमल करना है। पिछले दो बार से अब तक कुछ नहीं हुआ इसलिए इस बार हमने सरकार को संकेत दिया है कि इसे लागू करना शुरू कर दीजिए और यह नहीं हुआ तो रुका हुआ लॉन्ग मार्च मुंबई की ओर बढ़ जाएगा।
चार दिन पहले नासिक जिले से शुरू हुआ मार्च मुंबई के पड़ोसी जिले ठाणे में प्रवेश कर चुका है। सीएम शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यहां किसान नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने बाद में संवाददाताओं से कहा, विस्तृत चर्चा हुई और यह सकारात्मक रही। विधानमंडल में शुक्रवार को इस पर बयान दिया जाएगा।
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उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक जिले से मुंबई की ओर बढ़ रहे किसानों के ठाणे जिले में प्रवेश करने के बाद सरकार ने बुधवार रात अपने दो मंत्रियों दादा भुसे और अतुल सावे को किसानों से चर्चा करने के लिए भेजा। दोनों मंत्रियों ने किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी।
प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर नासिक जिले के डिंडोरी शहर से अपनी पदयात्रा शुरू की थी। उनकी मांगों में प्याज की खेती करने वाले किसानों को तत्काल 600 रुपये प्रति क्विंटल की वित्तीय राहत देना, 12 घंटे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना और कृषि ऋण माफ करना शामिल है।