यह समाचार सुनकर आप भी अपने देश के किसानों की प्रशंसा किए बिना नहीं रह पाएंगे। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि किसानों ने एक साथ दो-दो मोर्चों पर जमकर लड़ाई लड़ी है। एक तरफ तो वे तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए 26 नवंबर से लगातार आंदोलन कर रहे हैं तो दूसरी तरफ खेती में रिकॉर्ड उत्पादन भी कर रहे हैं। कृषि फसलों के दूसरे अनुमान के मुताबिक इस वर्ष 303.34 मिलियन टन का रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन होने की उम्मीद है। पहले अनुमान में 29.83 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन का अनुमान लगाया गया था। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इसे किसानों की मेहनत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार की किसान हितैषी नीतियों का असर बताया है।
यहां बन रहे रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड
कुल 303.34मिलियन टन खाद्यान्न में चावल 120.32मिलियन टन और गेहूं 109.24मिलियन टन का उत्पादन होने का अनुमान है। इन दोनों ही फसलों के मामले में यह एक नया रिकॉर्ड होगा।इसवर्ष चने का उत्पादन भी एक रिकॉर्ड बना सकता है।
अनुमान है कि इस वर्ष 11.62मिलियन टन चने का उत्पादन हो सकता है। मूंगफली 10.15 मिलियन टन के साथ नया रिकॉर्ड बना सकता है तोतिलहन की फसलों के उत्पादन को प्रमुखता देने की सरकार की नीति रंग लाती दिख रही है।सरसों का उत्पादन बढ़कर 10.43 मिलियन टन होने का अनुमान है। यह भी एक नयारिकॉर्ड होगा।
इन प्रमुखफसलों के अलावा देश में गन्ना 397.66 मिलियन टन,सोयाबीन 13.71 मिलियन टन,कपास 36.54 मिलियन गांठें और 24.42 मिलियन टन दलहन का उत्पादन होने का अनुमान लगाया गया है।
सीमांत किसानों के लिए कारगर पीएम सम्मान निधि
पीएम किसान सम्मान योजना के दो साल पूरे होने के अवसर पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यह योजना सीमांत और छोटे किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। वे 2000 रुपये की तीन किस्तों के माध्यम से मिलने वाली 6000 रुपये की राशि से वे अपनी बड़ी जरूरतें पूरी कर ले रहे हैं और उन्हें साहूकारों के चंगुल में फंसने से मुक्ति मिल गई है।
कृषि मंत्री ने बताया कि इन दो वर्षों के दौरान पीएम किसान सम्मान योजना के अंतर्गत 19फरवरी 2021तक 115638.87करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। कोरोना काल में भी सरकार ने किसानों को 62621.56करोड़ रूपये का भुगतान किया है।