बिहार के वैशाली पहुंच रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के लिए किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। वह वैशाली में सोनपुर में दिग्घा-पटना रेल पुल और मुंगेर रेल पुल का लोकार्पण करने के लिए जा रहे हैं। शुक्रवार को स्थानीय प्रशासन और किसानों के बीच सहमति न बनने के बाद उनकी सभा के लिए नई जगह तय कर ली गई है।
अब सभा चोकिया गांव में आयोजित की जाएगी। प्रधानमंत्री 12 मार्च को वैशाली पहुंच रहे हैं और इसी दिन उनकी सभा भी आयोजित होनी है, लेकिन जहां उनकी सभा आयोजित थी, वहां फसल बोई गई है।
किसानों ने साफ कर दिया कि वह अपनी फसल नहीं काटेंगे और न ही कोई मुआवजा इसके लिए लेंगे। शुक्रवार को इस संबंध में बैठक भी हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलने के बाद प्रशासन ने नया स्थान सभा के लिए चुन लिया। नया स्थान पहले चुने गए स्थान से छह किलोमीटर ही दूर है।
किसान चुनाव के समय भी मोदी के लिए अपनी फसल को समय से पहले काट चुके हैं। किसानों का कहना है कि उस वक्त भाजपा ने मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला।
शुक्रवार को सदर एसडीओ रवींद्र कुमार के साथ किसानों की हुई बैठक में माना जा रहा था कि किसान पहले का मुआवजा लेने पर सहमत हो जाएंगे, लेकिन किसानों ने किसी प्रकार के मुआवजे की बात को खारिज करते हुए कहा कि फसल बार-बार समय से पहले नहीं काटी जा सकती है।