चौधरी राकेश टिकैत और नरेश टिकैत।
- फोटो : अमर उजाला
किसान नेता नरेश टिकैत ने पाकिस्तान का पानी न रोके जाने की बात कही है। इससे भाजपा बिफर गई है। पार्टी ने कहा है कि देशभक्ति और किसानों का नेता होने का दिखावा करने वालों का चेहरा लोगों के सामने आ गया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। केंद्र सरकार पाकिस्तान को दिया जाने वाला पानी रोकने की योजना बनाई है और सिंधु जल समझौते को पूरी तरह नकार दिया है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने एक बयान में कहा है कि भारत यह सुनिश्चित करेगा कि एक बूंद पानी भी पाकिस्तान को न जाने पाए। यदि ऐसा होता है तो पाकिस्तान की 80 प्रतिशत से अधिक कृषि पर बहुत नकारात्मक असर पड़ेगा और इससे पाकिस्तान की पहले से बदहाल अर्थव्यवस्था संकट में पड़ सकती है।
किसान नेता ने क्या कहा
किसान नेता राकेश टिकैत ने एक बयान में कहा है कि केंद्र सरकार को पाकिस्तान को जाने वाला पानी नहीं रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंधु जल समझौते को नहीं रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर जगह का किसान एक जैसा होता है। पानी के बिना सब कुछ बेकार हो जाएगा। कथित तौर पर उन्होंने यहां तक कहा है कि पहलगाम हमले के लिए पूरा पाकिस्तान जिम्मेदार नहीं है।
हमले का असली लाभ कौन ले रहा- राकेश टिकैत
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि यह तय होना चाहिए कि इस तरह के हमलों का लाभ कौन ले रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले का साथ देकर कश्मीर के लोग अपना नुकसान नहीं चाहेंगे। ऐसे में यह तय होना चाहिए कि इस तरह के हमलों से कौन लाभ ले रहा है। उन्होंने लाभ लेने वाले व्यक्ति को ही इस तरह के हमलों का असली जिम्मेदार बताया है। अपने बयान में राकेश टिकैत ने किसी दल या नेता का नाम नहीं लिया है, लेकिन कहा जा रहा है कि इसके इशारे से वे भाजपा और केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करने का काम कर रहे हैं।
भाजपा ने किया हमला
भाजपा के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने इसे किसान नेताओं का दोहरा चरित्र बताया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ ये लोग देश भक्ति की बातें करते हैें और स्वयं को किसान नेता बताते हैं। लेकिन उनके इस बयान से यह साबित होता है कि वे स्वार्थ की राजनीति करते हैं। वर्मा ने कहा कि हमारे किसान देश को खिलाने के लिए अनाज पैदा करते हैं, और दुश्मनों से लड़ने के लिए अपने बेटे तक देते हैं। लेकिन वहीं कुछ लोग स्वयं को किसान नेता होने का दावा करते हैं, लेकिन देश के किसानों से अलग व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले के बात ऐसे लोगों की कलई उतर गई है। प्रवेश वर्मा ने कहा कि जो लोग पाकिस्तान के हितों की चिंता कर रहे हैं, वे भारत के सच्चे शुभचिंतक नहीं हो सकते। उन्होंने ऐसे लोगों को सत्ता का लाभ लेने के लिए राजनीति करने वाला बताया।