कर्ज न चुका पाने से हताश होकर उठाया आत्मघाती कदम
घर में ढोलक बज रही थी। महिलाएं बन्नी के स्वर छेड़ रही थीं। चारों तरफ खुशी का माहौल था। टहरौली तहसील के ग्राम पिपरा में प्रहलाद की बेटी की लगुन लिखी जा रही थी। उसकी बेटी की शादी नौ मई को होनी है और उसके हाथ में ढेला भी नहीं था। बैंक और साहूकार के कर्ज के बोझ में वह पहले से दबा था। फसल भी सूखे के कारण बर्बाद हो गई थी। प्रहलाद को शादी की चिंता में हृदयाघात हुआ और उसकी मौत हो गई।
टहरौली तहसील के ग्राम पिपरा निवासी प्रहलाद पुत्र दीने के पास दो बीघा जमीन थी, जिस खेती करने के अलावा वह मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता था। उसकी बड़ी बेटी भारती की शादी ग्राम कुकरगांव निवासी कौशल किशोर के साथ तय हुई थी। नौ मई शादी की तिथि तय हुई थी। वह शादी की तैयारियों में जुटा था। सूखे के कारण खेत में बोई गई गेहूं और चना की फसल बर्बाद हो गई थी, जिससे वह परेशान था।
सर्व यूपी ग्रामीण बैंक बघेरा से केसीसी का 40 हजार का ऋण था और साहूकारों से 70 हजार रुपये कर्ज लिए हुए था, तो और कर्ज मिलने की उम्मीद नहीं थी। शुक्रवार को उसकी बेटी की लगुन लिखी जा रही थी। पैसों के इंतजाम की चिंता में अचानक उसे हृदयाघात हुआ, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। किसान की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव मे शोक की लहर छा गई। तहसील प्रशासन के न पहुंचने पर लोगों में आक्रोश था, लेकिन मदद के लिए हाथ नहीं सिकोड़े। ग्रामीणों ने बेटी की शादी के लिए मदद का आश्वासन दिया। मौके पर पहुंची टहरौली थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
जानवरों ने तहस-नहस की फसल, किसान ने की खुदकुशी
फसल की बर्बादी के चलते परेशान था किसान
- फोटो : फाइल फोटो
बुंदेलखंड में सूखे ने किसानों की कमर तोड़ दी है। आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों द्वारा आत्महत्या करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को एक और किसान ने फसल बर्बाद होने के गम में बबीना थाना क्षेत्र के घिसौली गांव में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उसने कर्ज लेकर फसल बोई थी।
ग्राम घिसौली के मजरा सुजाल पुरा निवासी 34 वर्षीय अशोक राजपूत पुत्र स्व. काशीराम ने कर्ज लेकर ककड़ी की फसल बोई थी। बीती रात उसके खेत में आवारा पशुओं ने घुसकर फसल बर्बाद कर दी। फसल की बर्बादी के चलते वह परेशान हो गया। कर्ज न चुका पाने की चिंता से हताश होकर किसान ने जहर खा लिया।
जानकारी होने पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर बबीना पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए झांसी भेज दिया गया। मृतक अपने पीछे पत्नी व दो बच्चे छोड़ गया है।
महोबा के किसान ने ट्रेन से कटकर दी जान
ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी
- फोटो : pti
बदहाल बुंदेलखंड में किसानों की मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। बांदा में खेत परती पड़े रहने और कर्ज के बोझ से परेशान किसान की हार्टअटैक से मौत हो गई। फसल में कम पैदावार देख चित्रकूट के किसान ने फांसी लगा ली और महोबा के किसान ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। बांदा के नरैनी तहसील के रक्सी गांव निवासी शिवप्रसाद तिवारी (60) की शुक्रवार रात हार्टअटैक से मौत हो गई। पुत्र राजू तिवारी ने बताया कि 15 बीघे जमीन है। पिछले साल अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से फसल चौपट हो गई थी। इस साल सूखे के कारण पूरी खेती परती पड़ी है।
शिवप्रसाद ने चार साल पहले पुत्री की शादी के लिए इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक कालिंजर शाखा से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था, जो बढ़कर लगभग 80 हजार रुपये हो गया। इसी तनाव में सीने में दर्द हुआ और कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। इस बाबत तहसीलदार गिरिवर सिंह का कहना है कि मौत स्वाभाविक है। किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दिलाई जा सकती।
चित्रकूट के सरैंया प्रतिनिधि के मुताबिक रैपुरा थाने के नयाचंद्रा निवासी राजेश कुमार यादव (30) पुत्र दयाशंकर ने शुक्रवार रात खलिहान में अपने ट्यूबवेल से थोड़ी दूर आम के पेड़ पर फांसी लगा ली। राजेश की पत्नी शोभा देवी ने बताया कि खराब फसल होने से पति परेशान थे। इसी तनाव में जान दे दी। इस बाबत मानिकपुर एसडीएम रामसकल मौर्य ने बताया कि उन्हें जानकारी है, पहले मामले की जांच कराई जाएगी।
महोबा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मिरतला के किसान ओमप्रकाश उर्फ मुन्ना (30) पुत्र सियाराम ने बैंक और साहूकारों से करीब एक लाख रुपये का कर्ज ले रखा था। इस बार बारिश व ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई थी। बीज भर की पैदावार भी नहीं हुई। कर्ज की अदायगी व परिवार के भरण पोषण की चिंता में किसान ने शनिवार सुबह खजुराहो-महोबा रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। पुलिस घटना की पड़ताल कर रही है।