Ratan Tata: नमक से लेकर प्लेन तक बनाने वाली टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा ने बुधवार देर रात दुनिया को अलविदा कह दिया। उनको श्रद्धांजलि देने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। इसी दौरान एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली है। दरअसल उनके श्रद्धांजलि सभा में सभी धर्मों के गुरु मौजूद रहे।
भारत के मशहूर उद्योगपति रतन नवल टाटा ने बीती रात दुनिया को अलविदा कह दिया। रतन टाटा के निधन के बाद देश में शोक लहर है। मशहूर उद्योगपति ने 86 साल के उम्र में अंतिम सांस ली। ऐसे में रतन टाटा को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी दिखी। वहीं उनके श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली, जिसमें एक पंक्ति से हिंदू पंडित, मुस्लिम इमाम, सिख गुरू और ईसाई पादरी भी मौजूद दिखे।
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श्रद्धांजलि सभा में दिखी 'सर्व धर्म समभाव' की मिसाल
भारत में सभी धर्मों के गुरु या जानकारों का किसी एक इंसान को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एकत्रित होना आम तौर पर दुर्लभ है। लेकिन विश्व विख्यात उद्योगपति रतन टाटा के जाने से लोगों में निराशा उनके परोपकारी प्रभाव और प्रेम का प्रतीक है। और हो भी क्यों ना रतन टाटा ने के दरियादिली की कहानी तो पूरी दुनियाभर में प्रचलित है।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
देश के सभी वर्गों के मसीहा कहे जाने वाले रतन टाटा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा रहा है। रतन टाटा के अंतिम सफर में लोगों की भीड़ से साफ तौर पर रतन टाटा से लोगों का जुड़ाव को प्रदर्शित कर रही है।
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अपनी दादी के दुलारे थे रतन टाटा
मशहूर उद्योगपति रतन नवल टाटा अपने बचपन से ही शांत और शालीन स्वभाव के थे। उन्हें अपनी दादी से और उनकी दादी को उनसे बहुत लगाव था और रतन टाटा अपनी दादी की कभी भी कोई बात नहीं टालते थे। उनका ज्यादातर वक्त अपनी दादी के साथ ही गुजरा, क्योंकि रतन टाटा जब छोटे थे, तभी उनके माता-पिता में तलाक हो गया था। हालांकि इसके बाद वे अपने पिता के साथ रहने लगे थे। इसे आगे बढ़कर उन्होंने देश और दुनिया में जो मुकाम हासिल किया, ऐसा शायद ही कोई कर सकेगा।