अधिकारी ने कहा कि गिरोह का मास्टरमाइंड सरकारी नौकरी के इच्छुक लोगों और निजी क्षेत्र में अवसरों की तलाश कर रहे लोगों से संपर्क करता था और उन्हें विभिन्न संगठनों में फर्जी नियुक्तियों का झांसा देकर पैसे ऐंठता था।
ओडिशा पुलिस ने एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो कथित तौर पर लोगों को सरकारी और निजी क्षेत्रों में फर्जी नौकरियां देने के नाम पर पैसे ऐंठने में शामिल था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में बालासोर के दो लोगों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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अधिकारी ने कहा कि गिरोह का मास्टरमाइंड सरकारी नौकरी के इच्छुक लोगों और निजी क्षेत्र में अवसरों की तलाश कर रहे लोगों से संपर्क करता था और उन्हें विभिन्न संगठनों में फर्जी नियुक्तियों का झांसा देकर पैसे ऐंठता था। पुलिस ने कहा कि कुछ मध्यस्थ उम्मीदवारों के बीच नौकरी के अवसरों के बारे में जानकारी प्रसारित करने में शामिल थे और फर्जी नौकरी के लिए साक्षात्कार भी आयोजित किए गए थे।
बालासोर के पुलिस अधीक्षक सागरिका नाथ ने कहा, शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरोह के सरगना ने नौकरी चाहने वालों से करीब एक करोड़ रुपये ठगे हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों में से एक के आवास पर तलाशी अभियान चलाया गया जहां से फर्जी नियुक्ति पत्र, नामी कंपनियों के आवेदन पत्र, 10.50 लाख रुपये के सोने के गहने, 3.09 लाख रुपये नकद, बैंक खाते और 28 लाख रुपये की जमा राशि और 80 लाख रुपये की संपत्ति का पता चला है। अधिकारी ने कहा कि रैकेट से जुड़े और लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस की दो टीमों को दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों में भेजा गया है।