उनके चेहरे और कपड़े मैले-कुचैले होते हैं, चेहरे बेशक मुरझाए लगें, लेकिन वे खिलखिलाते हुए भी नजर आ जाते हैं। वे घोर गरीबी में जन्म लेते हैं, कुपोषण का दंश झेलते हैं। वे घातक बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। बाल मजदूरी उन्हें विरासत में मिलती है। समाज के ऐसे ही हालात के मारे बच्चों और संपन्न घरानों के बच्चों के बीच फैली असमानता को उजागर करती एक छोटी सी फिल्म 'फेयर स्टार्ट'। इसे कुछ बच्चों ने ही बनाया है। यूनिसेफ की यह फिल्म जब आई तो खूब वायरल हुई।
बेहद संवेदनशील मुद्दे पर आधारित इस फिल्म में दिखाया गया है कि हमारे आसपास कितनी असमानता व्याप्त है, लेकिन हमारी नजर नहीं जाती। फिल्म में शिक्षा, स्वच्छता, कम उम्र में शादी जैसे विषयों को बहुत ही बेहतर तरीके से पेश किया गया है।