अमर उजाला ने जब पैरासिटामॉल टैबलेटों को लेकर विश्वसनीयता की जांच पड़ताल की तो पता चला कि इस तरह की अफवाहें पहले भी फैलाई जा चुकी हैं। इन दावों में किसी तरह की सच्चाई नहीं है। वायरल खबरों के मुताबिक पैरासिटामॉल टैबलेट में माचुपो नाम का एक घातक वायरस है, जिसके कारण लोगों को खतरनाक बीमारियां हो रही हैं।
जबकि सच यह है कि माचुपो वायरस के कारण बोलिवियन रक्तस्रावी बुखार होता है जो दक्षिण अमेरिका तक ही सीमित है। भारत में अब तक माचुपो वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है। इस अफवाह को कई प्रतिष्ठित अखबारों ने भी खारिज किया है।
इसके अलावा मलेशिया सरकार ने भी इसे अफवाह घोषित करते हुए आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की और कहा कि टैबलेट में कोई वायरस नहीं है।
साथ ही इंडोनेशियाई फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने भी इस मामले में आधिकारिक बयान दिया और कहा है कि दवा और खाद्य नियामक एजेंसी पूर्व बाजार मूल्यांकन की सुरक्षा, प्रभावकारिता, गुणवत्ता और लेबलिंग / लेबलिंग का मूल्यांकन करती है और नियमित रूप से इंडोनेशिया में उत्पादन और वितरण सुविधाओं और उत्पादों का पर्यवेक्षण करती है। सोशल मीडिया पर जो बातें वायरल हो रही हैं उसके संबंध में एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार पैरासिटामॉल में माचूपो वायरस नहीं पाया गया है।