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सीजेआई रमना बोले: ईमानदार और मेहनती डॉक्टरों के खिलाफ बढ़ती हिंसा से चिंतित और दुखी, उन्हें बेहतर माहौल की जरूरत  

Sat, 07 May 2022 10:28 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीजेआई ने कहा, डॉक्टरों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को देखकर मुझे बेहद दुख हुआ है। ईमानदार और मेहनती डॉक्टरों के खिलाफ कई झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
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सीजेआई एनवी रमना - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत के प्रधान न्यायाधीश एन वी रमना ने शनिवार को ईमानदार और मेहनती डॉक्टरों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने पर गंभीर चिंता जताई। सीजेआई ने कहा कि वह डॉक्टरों की अटूट भावना को भी श्रद्धांजलि देना चाहेंगे, जो अपने मरीजों के लिए चौबीसों घंटे काम करते हैं। डॉक्टर सलाहकार, मार्गदर्शक, मित्र और परामर्शदाता होते हैं। उन्हें हमेशा समाज का सक्रिय सदस्य बने रहना चाहिए और लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। 

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डॉक्टरों के खिलाफ बढ़ती हिंसा से दुख 
सीजेआई ने कहा, डॉक्टरों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को देखकर मुझे बेहद दुख हुआ है। ईमानदार और मेहनती डॉक्टरों के खिलाफ कई झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्हें एक बेहतर और अधिक सुरक्षित काम करने के माहौल की जरूरत है। डॉ. कर्नल सीएस पंत और डॉ. वनीता कपूर द्वारा लिखित पुस्तक 'एटलस ऑफ ब्रेस्ट इलास्टोग्राफी एंड अल्ट्रासाउंड गाइडेड फाइन नीडल साइटोलॉजी' के विमोचन पर बोलते हुए सीजेआई ने कहा कि यह वह जगह है जहां पेशेवर चिकित्सा संघ बहुत महत्व रखते हैं। उन्हें डॉक्टरों की मांगों को उजागर करने में सक्रिय रहना होगा। 

महिलाएं परिवार और समाज की रीढ़
उन्होंने कहा कि महिलाएं देश की आबादी का 50 प्रतिशत हैं और वे परिवार और समाज की रीढ़ हैं और इसलिए उनके स्वास्थ्य को हमारे समाज और नीतियों में समान ध्यान और देखभाल मिलना चाहिए। लोग विशेष रूप से घर में महिलाएं अपने स्वास्थ्य को छोड़कर सभी के स्वास्थ्य का ख्याल रखती हैं। परिवार के अन्य सदस्यों विशेष रूप से पति और बच्चों का यह कर्तव्य है कि वे उसे नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए जाने के लिए मजबूर करें ताकि वह स्वस्थ रह सके। 
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उन्होंने कहा, पत्नी या मां की अहमियत हमें तब पता चलती है जब वह नहीं रहती। मुझे एहसास है कि भले ही मेरी मां का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया, लेकिन आज तक मुझे अपनी मां के खोने का एहसास है। इसलिए हर परिवार को उस गृहिणी के महत्व को पहचानना चाहिए जो पूरे परिवार की देखभाल करती है। यह मेरा अनुरोध है और यह हमारा कर्तव्य है, विशेष रूप से समाज के लोग जो प्रभावशाली हैं और जो राय बना सकते हैं, डॉक्टरों, गैर सरकारी संगठनों और मशहूर हस्तियों को जागरूकता पैदा करनी चाहिए। 

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