रंगदारी के एक साथ आधा दर्जन मामले सामने आने पर एक बार फिर से कैराना पलायन का मुद्दा हावी होने के आसार बन गए हैं। वहीं कस्बे के मोहल्ला गुंबद से तीन और पलायन के मामले सामने आये है। जो अपना घर बार बेचकर दूसरे शहरों में जाकर बस गए हैं। 15 दिन पूर्व रंगदारी की चिट्ठी आने के बाद मोहल्ला आल दरम्यान निवासी डा. दानिश व उसकी मा. आसफा कैराना से पलायन कर गए थे। इसके अलावा दो माह पूर्व शामली बस स्टैंड के पास परचून की दुकान करने वाले शुभम व उसके चाचा अनिल का परिवार भी अपनी दुकानें मकान बेच कर मुजफ्फरनगर चले गए। वहीं कैराना में गुंडागर्दी व अपराधों के चलते बिजनेस ठप होते जा रहे हैं।
बिजनेस ठप होना भी पलायन का एक कारण बना है। वहीं मोहल्ला गुंबद में पिछले 2 माह के अंदर तीन परिवार अपने मकान दुकान बेच कर अन्य शहरों में चले गए। मोहल्ला गुंबद निवासी परवीन शर्मा दो माह पूर्व अपना मकान बेच कर शामली जाकर बस गया। इसके अलावा गुंबद का ही प्रदीप गर्ग कोतवाली के पास परचून की दुकान करता था।
प्रदीप गर्ग रंगदारी के मामले सामने आने के बाद 5 दिन पूर्व परिवार सहित कैराना से पलायन करके पंजाब के जालंधर शहर में चला गया। तीसरा मामला गुंबद निवासी फोटोग्राफर सुभाष 15 दिन पहले ही अपना मकान औने-पौने दामों में बेच कर उत्तराखंड के ज्वालापुर शहर में जाकर बस गया। कस्बे की जनता का कहना है कि कैराना को रंगदारी बर्बाद कर रहा है।