महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई स्थित ठाणे के पुलिस आयुक्त जय जीत सिंह ने डीजीपी को पत्र लिखकर आईपीएस अधिकारी परमबीर सिंह के खिलाफ दर्ज वसूली के मामले में दो विशेष लोक अभियोजकों में से एक की नियुक्ति रद्द करने का आग्रह किया है। ठाणे नगर पुलिस थाने में परमबीर सिंह की उपस्थिति के बाद 11 अक्तूबर को लिखे गए पत्र की चर्चा मीडिया में चल रही है।
जानें पुलिस कमिश्नर ने क्या लिखा पत्र में
पत्र में कहा गया है कि हमारे अनुरोध के अनुसार, अधिवक्ता शेखर जगताप को नौ अगस्त, 2021 को मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया था। राज्य सरकार के गृह विभाग ने इसकी नियुक्ति की थी। लेकिन हमें पता चला है कि राज्य के कानून और न्यायपालिका विभाग ने 30 सितंबर, 2021 को इसी मामले में अधिवक्ता प्रदीप घरात को भी विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है। पुलिस कमिश्नर ने आगे लिखा कि मामले की जांच अंतिम चरण में है। एक सप्ताह में चार्जशीट दाखिल की जानी है और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। इस स्तर पर यह स्पष्ट नहीं है कि विशेष लोक अभियोजक को क्यों बदला गया। उन्होंने आगे पत्र में कहा कि दो विशेष लोक अभियोजक होने से मामला प्रभावित होगा। इसलिए, हम आपसे मामले में अधिवक्ता प्रदीप घरात की नियुक्ति को रद्द करने का अनुरोध करते हैं।
शुक्रवार को ठाणे नगर पुलिस स्टेशन में पेश हुए थे परमबीर सिंह
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह शुक्रवार को उनके और 28 अन्य के खिलाफ दर्ज वसूली के मामले में ठाणे नगर पुलिस स्टेशन के समक्ष पेश हुए। यह मामला इस साल जुलाई में बिल्डर और सट्टेबाज केतन तन्ना द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।