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माल्या के प्रत्यर्पण में हो रही देरी पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- कारण पता नहीं है

Mon, 05 Oct 2020 11:25 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विजय माल्या (फाइल फोटो)
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सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के मामले पर सुनवाई हुई। इसपर विदेश मंत्रालय ने अदालत को बताया कि भगोड़े कारोबारी के प्रत्यर्पण का आदेश ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत ने दिया था, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ है। केंद्र का कहना है कि उसे ब्रिटेन में चल रही गुप्त कार्यवाही की जानकारी नहीं है जिसके कारण माल्या के प्रत्यर्पण में देरी हो रही है।

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सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को माल्या के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान यह खुलासा हुआ है। उधर, कोर्ट ने साफ जवाब न देने के लिए भगोड़े कारोबारी के वकील को फटकार लगाई और सुनवाई दो नवंबर के लिए टाल दी। उच्चतम न्यायालय ने भगोड़ा कारोबारी विजय माल्या के वकीलों से कहा कि वे दो नवंबर तक बताएं कि माल्या कब अदालत के समक्ष पेश हो सकता है और गोपनीय कार्यवाही कब समाप्त होगी।


दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने माल्या के वकील से कोर्ट की अवमानना से जुड़े मामले में पूछा कि माल्या इस मामले में कब पेश हो सकते हैं। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि मामले में क्या हो रहा है और प्रत्यर्पण में क्या बाधा है। इस पर, विदेश मंत्रालय द्वारा अदालत को बताया गया कि ब्रिटेन के सर्वोच्च न्यायालय ने प्रत्यर्पण का आदेश दिया था, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा रहा है। कुछ गुप्त क्रियाएं हो रही हैं, जिनके बारे में भारत सरकार को अवगत नहीं कराया गया है। भारत सरकार को न तो कोई जानकारी दी गई है और न ही इसे पार्टी बनाया गया है। 
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जस्टिस यूयू ललित और अशोक भूषण की पीठ ने माल्या के वकील से अदालत को सूचित करने के लिए कहा कि उन्हें प्रत्यर्पित करने के लिए किस तरह की 'गुप्त' कार्यवाही चल रही है। माल्या की ओर से पेश अधिवक्ता अंकुर सहगल ने शीर्ष अदालत को बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि किस तरह की कार्यवाही चल रही है। उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि प्रत्यर्पण के खिलाफ मेरा अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया है।'

  

वहीं, केंद्र की ओर से पेश अधिवक्ता रजत नायर ने अदालत को बताया कि अदालत के निर्देशानुसार प्रत्यर्पण का अनुरोध किया गया है। कुछ गुप्त प्रत्यर्पण कार्यवाही चल रही है, जिनके बारे में भारत सरकार को अवगत नहीं कराया गया है। भारत सरकार को न तो कोई जानकारी दी गई है और न ही इसे पार्टी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि 'ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत द्वारा प्रत्यर्पण की कार्यवाही को बरकरार रखा गया है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है।'
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बता दें कि विजय माल्या बंद किंगफिशर एयरलाइंस के लिए बैंकों से नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान नहीं करने के मामले में आरोपी हैं। वह वर्तमान में ब्रिटेन में रह रहे हैं, सरकार उन्हें प्रत्यर्पित करने की कोशिश कर रही है।

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