फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सप्लेनर: इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस क्यों मिला, क्या है ओसीआई कार्ड? जानें इसके नियम और अधिकार

Thu, 15 Oct 2026 03:25 PM IST
रिया दुबे स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को एक विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के बाद भारत छोड़ने का नोटिस मिल गया। वह ओसीआई कार्ड धारक हैं। लेकिन ओसीआई कार्ड होने का मतलब क्या है? इस कार्ड के साथ कौन-से अधिकार मिलते हैं और इसकी सीमाएं क्या हैं? आइए समझते हैं।

विज्ञापन
अभिनेता इमरान खान - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अभिनेता इमरान खान को मुंबई में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद भारत छोड़ने का नोटिस दिया गया है। इस मामले में उनके ओसीआई कार्ड और विदेशी नागरिकों के अधिकारों को लेकर चर्चा हो रही है।

विज्ञापन


ऐसे में आइए जानते हैं कि इमरान खान कौन हैं? अभी चर्चा में क्यों हैं? ओसीआई कार्ड क्या है? इसके लिए कौन आवेदन कर सकता है? इसके धारकों को भारत में कौन-सी सुविधाएं और अधिकार मिलते हैं? यह कार्ड कब रद्द किया जा सकता है? 

कौन हैं इमरान खान?

इमरान खान बॉलीवुड अभिनेता हैं। उनका जन्म 13 जनवरी 1983 को अमेरिका में हुआ था। वह अभिनेता आमिर खान की बहन नुजहत खान के बेटे हैं। उन्होंने बतौर बाल कलाकार साल 1988 में फिल्म 'कयामत से कयामत तक' में काम किया था।

लीड एक्टर के तौर पर इमरान खान ने साल 2008 में फिल्म 'जाने तू या जाने ना' से बॉलीवुड में डेब्यू किया।  वह 'आई हेट लव स्टोरीज', 'डेल्ही बेली', 'मेरे ब्रदर की दुल्हन' और 'लक' जैसी फिल्मों में भी नजर आ चुके हैं।

विज्ञापन
Trending Videos

अभिनेता इमरान खान - फोटो : instagram (imran khan)

अभी चर्चा में क्यों हैं?

इमरान खान मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। 10 अक्तूबर को प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। इसके बाद इमरान खान ने सोशल मीडिया पर पुलिस वैन में बैठे हुए अपनी तस्वीर साझा की। इसके साथ उन्होंने लिखा, 'Apparently I'm going for a drive', यानी 'लगता है, मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।' 

मीडिया से बातचीत में इमरान खान ने कहा कि वह मुंबई में रहने वाले व्यक्ति के तौर पर वहां पहुंचे थे और उनकी कोई खास मांग नहीं थी। उन्होंने सवाल उठाया कि लोगों की आवाजाही की आजादी पर रोक क्यों लगाई जा रही है और उनकी आवाज क्यों दबाई जा रही है।

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इमरान खान की गिरफ्तारी और उन्हें देश से बाहर भेजने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी नागरिक और ओसीआई कार्डधारक इमरान ने प्रदर्शन में शामिल होकर ओसीआई नियमों और वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया है।  

अब इस मामले में कार्रवाई करते हुए मुंबई पुलिस ने अभिनेता इमरान खान को 28 अक्तूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया है। एएनआई के मुताबिक इमरान के पास अमेरिकी पासपोर्ट है। उनके खिलाफ ये कार्रवाई इमिग्रेशन एक्ट की धारा 29 और 7 के तहत शुरू की गई है। 

ओसीआई कार्ड - फोटो : Amar Ujala

ओसीआई योजना क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई?

ओसीआई का पूरा नाम ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया है। यह भारत सरकार की एक योजना है, जिसके तहत निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को ओसीआई के रूप में पंजीकरण की सुविधा दी जाती है।

विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की दोहरी नागरिकता की मांग को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने अगस्त 2005 में नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन करके ओसीआई योजना शुरू की थी। खासकर उत्तरी अमेरिका और दूसरे विकसित देशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोग इसकी मांग कर रहे थे। इस योजना को 2006 में हैदराबाद में आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के दौरान लॉन्च किया गया।

इसके तहत ऐसे भारतीय मूल के लोगों को ओसीआई के रूप में पंजीकरण की सुविधा दी गई, जो 26 जनवरी 1950 को या उसके बाद किसी समय भारत के नागरिक रहे हों या उस तारीख को भारतीय नागरिक बनने के पात्र रहे हों। 

ओसीआई कार्ड दोहरी नागरिकता नहीं है। इसका मतलब है कि ओसीआई कार्डधारक भारतीय नागरिक नहीं बन जाते। वह विदेशी नागरिक ही रहते हैं। ओसीआई कार्ड उन्हें भारत आने और यहां रहने से जुड़ी कुछ सुविधाएं देता है, लेकिन भारतीय नागरिकों के सभी अधिकार नहीं देता।

ओसीआई कार्ड के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले विदेशी नागरिक ओसीआई कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए भारतीय मूल से जुड़ा होना जरूरी है।
  • वह व्यक्ति 26 जनवरी 1950 को या उसके बाद किसी समय भारत का नागरिक रहा हो।
  • वह 26 जनवरी 1950 को भारतीय नागरिक बनने के योग्य रहा हो।
  • वह ऐसे क्षेत्र से जुड़ा हो, जो 15 अगस्त 1947 के बाद भारत का हिस्सा बना हो।
  • वह ऊपर दी गई शर्तें पूरी करने वाले किसी व्यक्ति का बच्चा, पोता-पोती या परपोता-परपोती हो।
  • ऐसे व्यक्ति के नाबालिग बच्चे भी निर्धारित शर्तों के तहत आवेदन कर सकते हैं।
  • वह नाबालिग बच्चा जिसके माता-पिता दोनों भारतीय नागरिक हों या जिनमें से कोई एक भारतीय नागरिक हो।
  • भारतीय नागरिक या ओसीआई कार्डधारक के विदेशी मूल के पति या पत्नी भी निर्धारित शर्तों के तहत आवेदन कर सकते हैं।
पति या पत्नी के आधार पर आवेदन करने के लिए विवाह का पंजीकृत होना और आवेदन से ठीक पहले कम से कम दो साल तक लगातार कायम रहना जरूरी है। ऐसे आवेदकों को आवेदन के साथ शपथ पत्र देना होता है। आवेदन जमा करते समय आवेदक और भारतीय मूल के पति या पत्नी को संबंधित वाणिज्य दूतावास में उपस्थित होना होता है। इसके साथ भारतीय पति या पत्नी का भारतीय पासपोर्ट या ओसीआई कार्ड और विदेशी पति या पत्नी का संबंधित विदेशी पासपोर्ट दिखाना होता है।

ओसीआई कार्ड के लिए कौन पात्र नहीं है?

कुछ श्रेणियों के लोग ओसीआई कार्ड के लिए आवेदन नहीं कर सकते।
  • जो व्यक्ति पाकिस्तान या बांग्लादेश का नागरिक है या कभी रहा है।
  • जिनके माता-पिता, दादा-दादी या परदादा-परदादी में से कोई पाकिस्तान या बांग्लादेश का नागरिक रहा हो।
  • ऐसे अन्य देशों के नागरिक, जिन्हें भारत सरकार ने अधिसूचना के जरिए इस योजना से बाहर रखा है। यह प्रतिबंध संबंधित पारिवारिक पृष्ठभूमि पर भी लागू होता है।
  • विदेशी रक्षा, सैन्य या पुलिस सेवाओं में काम करने वाले या कर चुके लोग।
  • सुरक्षा एजेंसियों में काम करने वाले लोग।


ओसीआई कार्डधारकों को भारत में कौन-सी सुविधाएं मिलती हैं?

  • आजीवन वीजा: यह कार्डधारक को भारत आने के लिए कई बार प्रवेश की सुविधा वाला आजीवन वीजा मिलता है। इससे वह निर्धारित नियमों के अनुसार बार-बार भारत आ सकता है।
  • पंजीकरण से छूट: भारत में रहने की अवधि के लिए उन्हें विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी यानी एफआरआरओ या विदेशी पंजीकरण अधिकारी यानी एफआरओ के पास पंजीकरण कराने से छूट मिलती है।
  • आर्थिक, वित्तीय और शैक्षणिक सुविधाएं: कार्डधारकों को इन क्षेत्रों में उपलब्ध कई सुविधाओं के मामले में अनिवासी भारतीयों यानी एनआरआई के समान सुविधाएं मिलती हैं। हालांकि, इन सुविधाओं का दायरा सरकार की ओर से समय-समय पर जारी अधिसूचनाओं के अनुसार तय होता है।
  • कृषि भूमि खरीदने पर प्रतिबंध: कार्डधारकों को एनआरआई के समान कुछ सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन वे भारत में कृषि भूमि, फार्महाउस या बागान की जमीन हासिल नहीं कर सकते।

ओसीआई - फोटो : ओसीआई

ओसीआई कार्डधारकों को कौन-से अधिकार नहीं मिलते?

नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7बी में ओसीआई कार्डधारकों के अधिकारों और प्रतिबंधों का प्रावधान है। इसके तहत केंद्र सरकार अधिसूचना जारी करके उन्हें कुछ अधिकार और सुविधाएं दे सकती है। हालांकि, कुछ अधिकार केवल भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षित हैं।
  • सरकारी नौकरी में समान अवसर: कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों की तरह सरकारी नौकरी में समान अवसर का संवैधानिक अधिकार नहीं मिलता। केंद्र सरकार विशेष आदेश के जरिए कुछ सेवाओं या पदों के लिए अनुमति दे सकती है।
  • राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का पद: वे भारत के राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति नहीं बन सकते।
  • न्यायाधीश का पद: वे सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त नहीं हो सकते।
  • वोट देने का अधिकार: वे भारत में मतदाता के रूप में पंजीकरण नहीं करा सकते।
  • चुनाव लड़ने का अधिकार: वे लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं बन सकते।
इस तरह ओसीआई कार्डधारक को भारत में आने और रहने की सुविधाएं तो मिलती हैं, लेकिन उसे भारतीय नागरिकों के सभी संवैधानिक और राजनीतिक अधिकार नहीं मिलते।

ओसीआई - फोटो : Amar Ujala

क्या ओसीआई कार्डधारक विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं?

ओसीआई के नियमों में ऐसा स्पष्ट रूप से नहीं कहा गया है कि हर कार्डधारक को सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहले से विशेष अनुमति लेनी होगी। हालांकि, इसका यह मतलब भी नहीं है कि ओसीआई कार्डधारकों को हर तरह की राजनीतिक गतिविधि की अनुमति है।

क्या ओसीआई कार्डधारकों को अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा की आजादी है?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को बोलने और अपनी बात रखने की आजादी देता है। इसके तहत नागरिकों को शांतिपूर्वक और बिना हथियारों के इकट्ठा होने का अधिकार भी मिलता है। हालांकि, इन अधिकारों पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

ये अधिकार विशेष रूप से भारतीय नागरिकों को दिए गए हैं। ओसीआई कार्डधारक विदेशी नागरिक की श्रेणी में आते हैं, इसलिए वे इन अधिकारों का दावा भारतीय नागरिकों के समान आधार पर नहीं कर सकते।
विज्ञापन

ओसीआई कार्ड किन परिस्थितियों में रद्द हो सकता है?

नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7डी के तहत केंद्र सरकार कुछ परिस्थितियों में ओसीआई कार्ड का पंजीकरण रद्द कर सकती है।
  • धोखाधड़ी या गलत जानकारी: अगर कार्ड धोखाधड़ी, गलत जानकारी या किसी जरूरी तथ्य को छिपाकर हासिल किया गया हो।
  • संविधान के प्रति असंतोष: अगर कार्डधारक ने कानून के अनुसार स्थापित भारत के संविधान के प्रति असंतोष दिखाया हो।
  • युद्ध के दौरान दुश्मन की मदद: अगर भारत के युद्ध में शामिल होने के दौरान उसने गैरकानूनी तरीके से दुश्मन के साथ व्यापार या संवाद किया हो अथवा ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा हो, जिनसे दुश्मन को मदद मिलती हो।
  • जेल की सजा: अगर ओसीआई पंजीकरण के पांच साल के भीतर उसे कम से कम दो साल की जेल की सजा सुनाई गई हो।
  • देश के हितों से जुड़ी परिस्थितियां: अगर भारत की संप्रभुता, अखंडता, सुरक्षा, किसी दूसरे देश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों या आम लोगों के हित में कार्ड रद्द करना जरूरी हो।

क्या ओसीआई कार्डधारक को हिरासत में लिया जा सकता है या देश से बाहर भेजा जा सकता है?

ओसीआई कार्डधारक विदेशी नागरिक होता है। इसलिए वह भारत के विदेशी नागरिकों और आव्रजन से जुड़े कानूनों के अधीन रहता है। नियमों के उल्लंघन के मामले में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत या वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगना अपने आप यह साबित नहीं करता कि उसने अपराध किया है या उसे देश से बाहर भेजना उचित है। इसके लिए संबंधित कानून और मामले के तथ्यों को देखना जरूरी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें