पहले कौन-कौन से कदम उठाए गए?
दिल्ली सरकार की ओर से 3 जून 2025 को 25 सूत्री वायु प्रदूषण नियंत्रण कार्ययोजना शुरू की गई। इसमें पूरे साल प्रदूषण के अलग-अलग स्रोतों को नियंत्रित करने के उपाय शामिल किए गए। योजना में सड़क की धूल, निर्माण और तोड़फोड़ का कचरा, वाहनों से होने वाला प्रदूषण, खुले में कचरा और जैव ईंधन जलाना, औद्योगिक प्रदूषण, वायु गुणवत्ता की निगरानी, हरियाली और लोगों की भागीदारी जैसे क्षेत्र शामिल किए गए।
- सड़क की धूल कम करने के लिए 76 यांत्रिक सड़क सफाई मशीनें, 283 पानी के छिड़काव वाली मशीनें और टैंकर तथा 406 एंटी-स्मॉग गन तैनात की गईं। धूल नियंत्रण से जुड़े नियमों की जांच के लिए 536 गश्ती दल लगाए गए।
- 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाली निर्माण और तोड़फोड़ साइटों के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया। 20 जनवरी 2026 तक 1,742 निर्माण साइटें पोर्टल पर पंजीकृत की गईं, जिनमें 808 सक्रिय थीं।
- 5,000 वर्ग मीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र वाली 281 सक्रिय साइटों पर 608 एंटी-स्मॉग गन तैनात की गईं। निर्माण और तोड़फोड़ के कचरे के 100 प्रतिशत प्रसंस्करण और पुनर्चक्रित उत्पादों के दोबारा इस्तेमाल का लक्ष्य रखा गया। इसके अलावा कई अन्य कदम भी उठाए गए हैं।
अब तक कैसी रही दिल्ली की हवा?
एक्यूआई डॉट इन के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में जनवरी में 2 दिन मध्यम, 13 दिन खराब, 12 दिन अस्वस्थ और 4 दिन खतरनाक श्रेणी में रहे। नवंबर में 7 दिन अस्वस्थ, 21 दिन गंभीर और 2 दिन खतरनाक रहे। दिसंबर में 7 दिन अस्वस्थ, 22 दिन गंभीर और 2 दिन खतरनाक रहे।
2023 में कैसी रही हवा?
- जनवरी में 1 दिन खराब, 9 दिन अस्वस्थ, 18 दिन गंभीर और 3 दिन खतरनाक श्रेणी में रहा।
- अक्तूबर में 12 दिन खराब, 14 दिन अस्वस्थ और 5 दिन गंभीर रहे।
- नवंबर में 4 दिन अस्वस्थ, 12 दिन गंभीर और 13 दिन खतरनाक रहे।
- दिसंबर में 3 दिन अस्वस्थ, 22 दिन गंभीर और 6 दिन खतरनाक रहे।
2025 में कैसी रही हवा?
- जनवरी में 10 दिन मध्यम, 20 दिन खराब और 1 दिन खतरनाक रहा।
- अक्तूबर में 1 दिन मध्यम, 6 दिन खराब, 10 दिन अस्वस्थ, 12 दिन गंभीर और 2 दिन खतरनाक रहे।
- नवंबर में 2 दिन अस्वस्थ, 6 दिन गंभीर और 22 दिन खतरनाक रहे।
- दिसंबर में 11 दिन अस्वस्थ और 20 दिन गंभीर रहे।
2026 में कैसे रही हवा की गुणवक्ता?
सितंबर 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 47 दिन हवा मध्यम, 134 दिन खराब, 47 दिन अस्वस्थ, 29 दिन गंभीर और 14 दिन खतरनाक श्रेणी में रही। इस तरह सितंबर तक सबसे ज्यादा 134 दिन हवा खराब श्रेणी में रही। इसके बाद 47 दिन मध्यम और 47 दिन अस्वस्थ श्रेणी में रहे। गंभीर श्रेणी के 29 दिन और खतरनाक श्रेणी के 14 दिन दर्ज किए गए।