फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sikkim Flood: सिक्किम में तबाही...विशेषज्ञों ने दी थी चेतावनी, नहीं हुईं तैयारियां, इलाके में 320 हिमनद झीलें

Thu, 05 Oct 2023 04:56 AM IST
गुलाम अहमद अमर उजाला नेटवर्क, गंगटोक

सार

हिमनद झीलें ग्लेशियरों के पिघलने और उनसे अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबे के निकलने से बनती हैं, जिसे हिमनद झील विस्फोट बाढ़ (जीएलओएफ) कहा जाता है। 
विज्ञापन
Sikkim flood - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमनदों के फटने से होने वाली तबाही का संकेत विशेषज्ञ पहले ही दे चुके थे। विशेषज्ञों ने बताया था कि सिक्किम खतरनाक हिमनद झीलों से घिरा हुआ है जो किसी भी समय फट सकती हैं और बाढ़ का कारण बन सकती हैं। सिक्किम का आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम कार्यालय अचानक बाढ़ के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित करने में नाकाम रहे।

विज्ञापन


हिमनद झीलें ग्लेशियरों के पिघलने और उनसे अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबे के निकलने से बनती हैं, जिसे हिमनद झील विस्फोट बाढ़ (जीएलओएफ) कहा जाता है। अस्थायी उपग्रह डाटा से पता चला कि सिक्किम में 320 हिमनद झीलें हैं। डाटा के विश्लेषण से यह भी पता चला है कि दक्षिण लहोनक ग्लेशियर के मुहाने पर, जो लगभग 7,000 मीटर की ऊंचाई पर है, एक झील बन गई है। वैज्ञानिकों ने बताया था कि झील केवल ढीली मिट्टी और मोराइन नामक मलबे से बंधी है। अगर यह टूटी तो नीचे की ओर तबाही मचा सकती है।



तीस्ता में 14 हिमनद झीलें खतरनाक
पाकिस्तान, चीन और तिब्बत  क्षेत्र के पहाड़ों में ग्लोबल वार्मिंग से प्रभावित ग्लेशियरों, हिमनद झीलों और संभावित जीएलओएफ की पहचान की सूची में कहा गया है कि तीस्ता नदी बेसिन में लगभग 576 वर्ग किमी के ग्लेशियर क्षेत्र के साथ 285 ग्लेशियर हैं। यहां 266 हिमनद झीलें हैं और उनमें से 14  खतरनाक हैं।
विज्ञापन


ग्लेशियरों के पिघलने से बढ़ रहा खतरा
ग्लेशियरों के पिघलने की दर में वृद्धि के कारण क्षेत्र में झीलें बढ़ रही हैं और उनकी संग्रहित जल क्षमता भी बढ़ रही है। सिक्किम भारतीय भूकंपीय चार्ट के जोन-4 में आता है और भूकंप के झटकों से जीएलओएफ ट्रिगर हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें