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दावा : देश में ओमिक्रॉन के प्रकोप से फरवरी में चरम पर होगी तीसरी लहर

Sun, 19 Dec 2021 06:20 AM IST
योगेश साहू एजेंसी/अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/मुंबई/ठाणे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : istock
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दुनिया कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर चिंतित है। इसी बीच देश के नेशनल कोविड-19 सुपरमॉडल समिति का कहना है कि भारत में ओमिक्रॉन स्वरूप से तीसरी लहर फरवरी में चरम पर होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि देश में संक्रमण के औसतन रोजाना 7500 केस आ रहे हैं। ओमिक्रॉन जब हावी होगा और डेल्टा की जगह लेगा तो वायरस का यह स्वरूप संक्रमण का प्रमुख कारक होगा।

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नेशनल कोविड-19 सुपरमॉडल समिति के हेड और आईआईटी हैदराबाद के प्रो. विद्यासागर का कहना है कि भारत में ओमिक्रॉन से तीसरी लहर आएगी लेकिन दूसरी लहर की तुलना में हल्की होगी। डॉ. विद्यासागर का कहना है कि तीसरी लहर में दूसरी लहर की तुलना में दैनिक संक्रमण के मामले कम हो सकते हैं। 

इसका प्रमुख कारण टीकाकरण है। देश के 85 फीसदी वयस्कों को टीके की पहली खुराक लग चुकी है जबकि 55 फीसदी वयस्कों को टीके की दोनों खुराक लग चुकी है। ऐसे में तीसरी लहर दूसरी लहर की तुलना अधिक प्रभावी नहीं होगी।
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रोजाना दो लाख से अधिक केस नहीं
डॉ. विद्यासागर का कहना है कि अगर वैक्सीन 100 फीसदी सुरक्षित होती है या 50 फीसदी, या बिलकुल नहीं। यही स्थिति प्राकृतिक संक्रमण के मामले में मानी जाए तो भी खराब से खराब स्थिति में देश में तीसरी लहर का प्रकोप बढ़ने पर हर दिन दो लाख से अधिक मरीज नहीं आएंगे। ये आंकड़ा दूसरी लहर के पीक पर रहने के दौरान मिलने वाले आंकड़े की तुलना में आधे से भी कम होने का अनुमान है।

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ओमिक्रॉन का कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का ओमिक्रॉन स्वरूप जिस तरह से फैल रहा है उससे स्पष्ट है कि उसका कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो चुका है। अब ऐसी स्थिति से बचने के लिए सावधानी ही पहला उपचार है। कोविड सम्मत व्यवहार का पालन कर वायरस को हावी होने से रोका जा सकता है। डॉ. विद्यासागर का कहना है कि बचाव ही उपचार है और ये सबकुछ लोगों के हाथ में है।

दो चीजों पर संक्रमण की गति निर्धारित
  • ओमिक्रॉन वेरिएंट प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक तंत्र को आखिर कैसे दबाता है।
  • ओमिक्रॉन टीके से बनी इम्युनिटी को धोखा देने में कितना कारगर होता है।

ब्रिटेन की तुलना में काफी कम रोगी
समिति के सदस्य मनिंदा अग्रवाल का कहना है कि भारत में प्राकृतिक संक्रमण के साथ टीकाकरण का भी आंकड़ा काफी है। ब्रिटेन में टीकाकरण की दर अधिक है लेकिन सीरो प्रिवलेंस की दर कम है। नतीजा सामने है, ब्रिटेन में एक दिन पहले 93,045 मामले सामने आए जबकि भारत में सिर्फ 7145, वो भी तब जब हमारी जनसंख्या अधिक है।

नए वैरिएंट की तेज रफ्तार चिंताजनक
भारत में इस वैरिएंट से संक्रमित मरीजों की संख्या 100 के पार हो गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का आकलन है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट कम गंभीर हो सकता है, हालांकि इसकी संक्रमण की तेज रफ्तार चिंताजनक स्थिति को बयां करती है।विशेषज्ञों ने बूस्टर डोज के लिए सहमति जताई है जिससे संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके।

नवी मुंबई में एक स्कूल के 16 बच्चे संक्रमित
कोरोना के घटते मामलों के बीच जहां एकतरफ स्कूल खुलना शुरू हो रहे हैं, वहीं नवी मुंबई के घांसोली के एक स्कूल में 16 बच्चे संक्रमित पाए गए हैं।  कक्षा 8 से 11 तक के इन बच्चों को वाशी के कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है। इन बच्चों में से एक के पिता 9 दिसंबर को कतर से लौटे थे।

हालांकि उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है लेकिन उनका बेटा जो 11वीं में है,उसकी  रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद शेतकारी शिक्षण संस्थान के सभी बच्चों की जांच का सिलसिला शुरू हुआ। बीते तीन दिनों में 811 बच्चों की जांच हुई है जिनमें 16 संक्रमित मिले हैं। 600 और बच्चों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
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एक दिन में ओमिक्रॉन के 30 मामले
देश में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। तेलंगाना में शनिवार को 12, महाराष्ट्र में 8, कर्नाटक में 6 और केरल में 4 नए मामले मिलने के साथ ही देश में ओमिक्रॉन संक्रमितों की तादाद 143 हो गई है। यह संक्रमण अब तक 12 राज्यों में फैल चुका है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेलंगाना के ओमिक्रॉन संक्रमितों में से दो ‘जोखिम वाले घोषित’ देशों लौटे हैं। उधर कर्नाटक में मिले मरीजों में एक यूके का यात्री है।

24 घंटे में मिले 7145 मामले...
देश में संक्रमण के मामलों में उतार चढ़ाव जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि बीते 24 घंटे में 7145 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है जबकि 289 लोगों की मौत हुई है। देश में अब तक टीके की 136.66 करोड़ से अधिक खुराक लगाई जा चुकी है।
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