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Exclusive: 'कांग्रेस समर्थन करे या न करे, पास होगा जीएसटी बिल'

Sun, 22 May 2016 08:14 AM IST
राजीव जायसवाल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • सरकार इस बिल को लागू करने की पहल के लिए कांग्रेस को पूरा श्रेय देने को तैयार
  • कई अहम मुद्दों पर कांग्रेस का रवैया अस्थिर रहा, नीट भी इसका एक उदाहरण
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arun jaitley - फोटो : PTI
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विस्तार
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सरकार राज्यसभा में वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) बिल के पारित होने को लेकर आश्वस्त है। वित्त मंत्री अरुण जेटली का मानना है कि देश का राजनीतिक समीकरण अब बदल चुका है लिहाजा कांग्रेस समर्थन करे या न करे संसद के अगले सत्र में जीएसटी बिल पारित होकर रहेगा। जेटली ने ‘अमर उजाला’ से एक खास बातचीत में खुलासा किया कि जीएसटी बिल राज्यसभा में आसानी से पारित हो जाएगा क्योंकि सपा और तृणमूल कांग्रेस सरकार का साथ देने के लिए तैयार हैं। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव जीतने के बाद ही कहा था कि उनकी पार्टी संसद में जीएसटी बिल का समर्थन करेगी।
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वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी के लागू होने से भारतीय अर्थव्यवस्था को खासा फायदा होगा। जीएसटी के तहत पूरे देश में वस्तुओं और सेवाओं पर राज्यों और स्थानीय एजेंसियों की ओर अलग-अलग लगाए जाने वाले टैक्स की जगह एक टैक्स लगेगा। एक टैक्स लगने से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और आखिरकार इसका लाभ उपभोक्ताओं को होगा। पूरे देश में वस्तुओं और सेवाओं की कीमत लगभग एक होगी। उपभोक्ताओं के लिए वस्तुएं और सेवाएं सस्ती हो जाएंगी। जेटली ने कहा कि जीएसटी पर कांग्रेस को मनाने की वह आखिरी कोशिश करेंगे क्योंकि यूपीए सरकार ने ही यह बिल तैयार किया था।

कांग्रेस को इसलिए साथ लेना चाहते हैं क्योंकि मोदी सरकार इस बेहद अहम आर्थिक सुधार पर राजनीतिक सहमति कायम करने के पक्ष में है। मोदी सरकार इस बिल को लागू करने की पहल के लिए कांग्रेस को पूरा श्रेय देगी लेकिन उसे सिर्फ विरोध के नाम पर विरोध करने की प्रवृति छोड़नी पड़ेगी। अगर कांग्रेस अपने रवैये पर अड़ी रही तो बिल पारित कराने के लिए वोटिंग करानी होगी। जेटली ने कहा कि कई अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर कांग्रेस का रवैया अस्थिर रहा है। इस सिलसिले में उन्होंने मेडिकल परीक्षा के लिए आयोजित होने वाली एनईईटी (नीट) पर उसके रवैये का उदाहरण दिया।
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उन्होंने कहा कि हाल में इस संबंध में हुई एक बैठक में कांग्रेस नेता इसे लागू करने पर राजी हो गए लेकिन कहा कि इसे सिर्फ अगले साल से शुरू किया जाए। बैठक में इस बात पर सहमति थी कि नीट को एक साल के लिए टाल दिया जाए क्योंकि क्षेत्रीय भाषाओं में तैयारी करने वालों के लिए मुश्किल होगी। लेकिन मजेदार बात यह थी कि बाद में कांग्रेस ने ही इस साल राज्य बोर्डों को नीट परीक्षा के दायरे से बाहर रखने का आरोप लगाते हुए इसकी आलोचना की।
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विकास दर की चुनौतियों से जूझेगी सरकार

arun jaitley - फोटो : PTI
वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान अनुमानित 7.6 फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर चार चीजों पर निर्भर करेगी। इनमें से दो तो सकारात्मक हैं। एक चुनौती के तौर पर मौजूद है और एक पर सरकार का नियंत्रण नहीं है।

उन्होंने कहा कि 7.6 फीसदी वृद्धि दर का अनुमान बेहतर मानसून की संभावना के मद्देनजर लगाया गया था। मानसून बेहतर रहने की संभावना दिखने लगी है। दूसरी चीज आर्थिक सुधार है, जो आगे भी जारी रहेगा। तीसरी चीज बैंकों की स्थिति और निजी क्षेत्र को कर्ज मुहैया कराने की उसकी क्षमता पर इससे पड़ने वाला असर है। सरकार के लिए यह चुनौती होगी लेकिन वह इसका सामना करने को तैयार है।

वित्त मंत्री का कहना है कि आर्थिक वृद्धि दर कैसी रहेगी, यह काफी कुछ ग्लोबल अर्थव्यवस्था के हालात पर भी निर्भर है और वह इसमें निकट भविष्य में कोई सुधार होता नहीं देख रहे हैं। 
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