भारत बंद के आह्वान के साथ कांग्रेस पार्टी विपक्ष के रूप में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ लामबंद हो चुकी है। कांग्रेस के साथ देश की करीब छोटी बड़ी 21 राजनीतिक पार्टियां साथ खड़ी हैं। आज देश में बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने देशभर में महाबंद बुलाया है जिसका व्यापक असर देशभर में देखने को मिल रहा है। कांग्रेस पार्टी सहित देश की विभिन्न पार्टियों के दिग्गज नेता दिल्ली के रामलीला मैदान में एकसाथ नजर आए जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से नरेंद्र मोदी को उनकी चुप्पी तोड़ने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि मोदी पेट्रोल डीजल पर हमेशा चुप क्यों रहते हैं। पीएम मोदी पर सीधा हमला करते हुए राहुल ने कहा कि उन्होंने अबी तक पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर एक शब्द नहीं कहा है औ न ही किसानों पर उन्होंने कुछ कहा है।
महिला के खिलाफ हिंसा पर भी चुप हैं मोदी
महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा पर भी उन्होंने चुप्पी साध रखी है। ये देश में हो क्या रहा है और मोदी सरकार आखिर कर क्या रही है। राहुल ने आगे कहा आज पूरा विपक्ष यहां एक साथ बैठा है। हम सब मिलकर एक साथ, भाजपा को हटाने का काम करेंगे। कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजघाट से रामलीला मैदान तक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मोर्चा निकाला।राहुल ने कहा कि बलात्कार की घटना में भाजपा के विधायक शामिल होते हैं, उसपर भी पीएम चुप हैं।
मोदी चुप क्यों हैं
मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पीएम ने जनता से कई वादे किए लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किया है। आज पेट्रोल 80 के पार पहुंच गया है और डीजल भी 80 के पार पहुंचने वाला है। पहले पूरे देश में घूम-घूमकर मोदी कहते थे कि पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं। लेकिन आज वह एक शब्द नहीं बोल रहे। देश के मुख्य मुद्दों पर वह कुछ नहीं बोलते। चाहे जीएसटी की बात करें या राफेल की, उन्होंने किसी पर भी बयान नहीं दिया। पता नहीं वह कौन सी दुनिया में हैं।
मनमोहन सिंह ने कहा देश की अर्थव्यवस्था गड़बड़ाई
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विपक्षी दलों से कहा कि वह अपने मतभेदों को भूलकर देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हो जाएं। यही नहीं पूर्व प्रधानमंत्री ने सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए सभी विपक्षी दलों का 'देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।'
पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस की तरफ से बुलाये गए 'भारत बंद' के तहत सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री गड़बड़ाई अर्थव्यवस्था पर देशवासियों का ध्यान आकर्षित कर रहे थे।
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रामलीला मैदान में आयोजित विरोध प्रदर्शन में सिंह ने कहा, ' इतनी बड़ी संख्या में विपक्षी दलों के नेताओं का शामिल होना बहुत महत्वपूर्ण कदम है। मोदी सरकार ऐसा बहुत कुछ कर चुकी है जो हद को पर कर चुका है। इस सरकार को बदलने का समय आने वाला है। आज किसान, नौजवान सहित हर तबका परेशान है।' सिंह ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा, 'अब इस बात की जरूरत है कि सभी राजनीतिक दल अपने पुराने सिलसिलों को पीछे छोड़कर एकजुट हों । भारत की जनता की पुकार सुनें। यह तभी संभव है जब हम छोटे-छोटे मुद्दों को छोड़कर आगे बढ़ेंगे। देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र को बचाने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा । इसके लिए हमें तैयार होना चाहिए।' विरोध प्रदर्शन में सिंह के अलावा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और राकांपा प्रमुख शरद पवार सहित करीब 20 विपक्षी पार्टियों के नेता शामिल हुए।
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और दूसरे नेताओं ने राजघाट से रामलीला मैदान तक मार्च किया। कांग्रेस का कहना है कि उसकी ओर से बुलाया गया 'भारत बंद' सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगा, ताकि आम जनता को दिक्कत नहीं हो।