वरिष्ठ टीएमसी विधायक अखिल गिरि सहकारी बैंक के बोर्ड सदस्यों के चुनाव के दौरान हुई झड़प में घायल हो गए हैं। इस मामले में उनके समर्थकों ने पुलिसकर्मी पर उनको धक्का देने का आरोप लगाते हुए बूथ के सामने प्रदर्शन किया है।
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ टीएमसी विधायक अखिल गिरि शनिवार को पूर्व मेदिनीपुर जिले में एक सहकारी बैंक के बोर्ड सदस्यों के चुनाव प्रक्रिया के दौरान हाथापाई में घायल हो गए। 14 सीटों वाले सहकारी बैंक के अध्यक्ष विपक्ष के नेता और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी थे। मामले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कोंटाई सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की 13 सीटों के लिए मतदान शुरू होते ही भाजपा और तृणमूल कांग्रेस से संबंधित प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच मारपीट हो गई।
हाथापाई में पूर्व मंत्री के हाथ में लगी चोट
बता दें कि, टीएमसी पहले ही एक सीट निर्विरोध जीत चुकी है, जिससे 13 अन्य सीटों पर मतदान हो रहा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि रामनगर कॉलेज मतदान केंद्र पर हुई हाथापाई में पूर्व मंत्री अखिल गिरी के हाथ में चोटें आईं। इसके बाद अखिल गिरी के समर्थकों ने बूथ के सामने प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि टीएमसी नेता को एक पुलिसकर्मी की तरफ से धक्का दिया गया था।
विज्ञापन
पूर्व मंत्री ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
वहीं ताम्रलिप्ता अस्पताल में इलाज करा रहे पूर्व मंत्री ने कहा कि पुलिस विपक्ष के नेता और नंदीग्राम के विधायक शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मेदिनीपुर जिले की पुलिस अमानवीय तरीके से काम कर रही है।
जिले में बदल गए हैं राजनीतिक समीकरण
2021 के विधानसभा चुनाव से पहले शुभेंदु अधिकारी के टीएमसी से भाजपा में शामिल होने के बाद जिले में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। अब दोनों ही पार्टियों की नजर सहकारी बैंक चुनाव जीतने पर है। वहीं पत्रकारों से बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि अखिल गिरी और उनके बेटे सुप्रकाश गिरी ने रामनगर और कांथी इलाकों में मतदान केंद्रों पर आतंक फैलाया और हार का आभास होने के बाद शांतिपूर्ण मतदान को रोकने की कोशिश की।
शुभेंदु अधिकारी ने अखिल गिरी पर लगाए आरोप
शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा, 'जब उन्होंने मतदान केंद्र में जबरन घुसने की कोशिश की, तो उन्हें रोक दिया गया और फिर उन्होंने चोट लगने का नाटक किया।' उन्होंने कहा कि अखिल गिरी और उनके बेटे दोनों ही अपनी बलपूर्वक रणनीति को लागू करने में विफल रहे और इसके बाद हताश हो गए। शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि अखिल गिरी ने हाथापाई के दौरान एक पुलिसकर्मी को भी मारा और बूथ पर ड्यूटी पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।