भारतीय अंडर-19 और इंडिया ए टीम की कप्तानी कर चुके मनोज तिवारी बंगाल टीम को भी कई ट्रॉफियां दिला चुके हैं। उनका कहना है कि विपक्षी पार्टी में होने के बावजूद उनके अशोक डिंडा से संबंध मित्रवत ही रहेंगे। हालांकि वह यह भी कहना नहीं चूके कि डिंडा की गेंदों को सियासी पिच पर हमेशा बाउंड्री के पार भेजते रहेंगे।
क्रिकेट से राजनीति में आने का कारण मनोज ने जनसेवा बताया। साथ ही यह भी कहा कि वह राजनीति में लंबी पारी खेलना चाहते हैं। मनोज तिवारी और अशोक डिंडा पड़ोसी भी हैं, दोनों परिसर में रहते हैं। तिवारी कहते हैं कि डिंडा से मिलने पर राजनीति की बात नहीं करेंगे। हम एक दोस्त की ही तरह रहेंगे।