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BRO के कामगारों के लिए खुशखबरी: अनुग्रह राशि के भुगतान के लिए 179 दिनों तक काम अनिवार्य नहीं, सरकार का एलान

Wed, 07 Feb 2024 05:35 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

BRO: रक्षा मंत्रालय ने उस प्रस्ताव में छूट को मंजूरी दे दी है, जिसमें अनुग्रह राशि का भुगतान पाने के लिए बीआरओ के अस्थायी कामगारों के लिए 179 कार्यदिवस अनिवार्य थे। 
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अस्थायी कामगारों के लिए खुशखबरी दी है। रक्षा मंत्री ने उनके लिए अनुग्रह राशि के एकमुश्त भुगतान के लिए 179 दिन के प्रावधान में छूट को मंजूरी दी है। 

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रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा
अभी तक प्रावधान था कि जिन अस्थायी कामगारों ने कम से कम 179 दिन काम किया है, उन्हें किसी दुर्घटना के समय पांच लाख रुपये तक की अनुग्रह राशि के लिए कवर किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है। जिसमें कहा गया, "रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) या जनरल इंजीनियरिंग रिजर्व फोर्स (जीआरईएफ) में काम करने अस्थायी मजदूरों को अनुग्रह राशि के एकमुश्त भुगतान के लिए हादसे के समय 179 कार्य दिवस पूरा करने के प्रावधान में छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।" 

कठित परिस्थितियों में काम करते हैं कामगार
अनुग्रह राशि के लिए अब तक 179 दिनों के काम का प्रावधान था, जिसके कारण कई मृतक अस्थायी कामगारों के परिवार इस राशि से वंचित रह जाते थे। बीआरओ की इकाइयां दूर-दराज, सीमांत क्षेत्रों, बर्फ से ढके ऊंचाई वाले इलाकों में काम करती हैं, जहां उचित सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। 
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मंत्रालय ने कहा कि प्रतिकूल जलवायु, दुर्गम पहाड़ी इलाके, खतरनाक कार्य स्थल जैसे कारक कामगारों के जीवन के लिए भारी जोखिम पैदा करते हैं। बयान में कहा गया कि कम से कम 179 काम के दिनों के प्रावधान में छूट से मानवीय आधार पर उन कामगारों के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जो सरकारी ड्यूटी के दौरान अपने आजीविका कमाने वाले व्यक्ति को खो देते हैं।

राजनाथ सिंह ने हाल ही में अस्थायी कामगारों के लिए कई कल्याणकारी उपायों को मंजूरी दी है। भले ही उनकी बीआरओ के साथ काम के दिनों की संख्या कुछ भी हो। इन उपायों में चल रही परियोजनाओं के लिए बीआरओ और जीआरईएफ द्वारा नियुक्त कामगार के लिए एक सार्वजनिक बीमा योजना भी शामिल है। इस योजना में कामगार की मौत पर परिजनों को दस लाख रुपये तक का बीमा दिया जा सकता है।

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