ईवीएम को लेकर विपक्षी दल लगातार भाजपा और चुनाव आयोग की आलोचना करते रहे हैं। इसी को लेकर पूर्व चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि ईवीएम को हैक करना या उस से छेड़छाड़ करना संभव नहीं है। शुक्रवार जयपुर में एक प्रोग्राम में रावत ने कहा कि भारत में विकसित देशों की तरह ईवीएम इंटरनेट के माध्यम से नहीं चलती। इसे हैक नहीं किया जा सकता, ये कैलकुलेटर की तरह है। ईवीएम में कैलकुलेटर की जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
रावत ने आगे कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों ने ईवीएम को लेकर शिकायत दर्ज कराई हैं। इस से आम आदमी के दिमाग में संशय पैदा होता है, पर चुनाव आयोग को इस आरोप पर क्लीन चिट मिली है। उन्होंने आगे कहा कि विकसित देशों में ईवीएम का इस्तेमाल नई तकनीक के साथ किया जाता है। वहां उसे वाईफाई तकनीक और इंटरनेट से चलाया जाता है। पर भारत में इसे कैलकुलेटर की तरह चलाया जाता है इसी लिए इसे हैक या इसके साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।
रावत ने कहा कि हाल ही में हुए चुनावों में नई ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया गया जो हैक या छेड़छाड़ की कोशिश करने पर फैक्ट्री मोड पर चली जाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग राजनीतिक पार्टियों द्वारा ईवीएम के किसी एक दल को फायदा पहुंचाने या गलत होने जैसे आरोपों को लेकर आलोचना झेलता रहा है।