स्पीकर और डिप्टी स्पीकर की बात सबसे अहम
किसान संसद में हिस्सा लेने आए 200 किसानों में से ही रोज दो या तीन वरिष्ठ किसानों को स्पीकर और डिप्टी स्पीकर चुना जाता है। हर दिन किसान संसद में चर्चा के दो सत्र होते हैं। पहले सत्र में एक स्पीकर और डिप्टी स्पीकर कार्यवाही का संचालन करते हैं। वहीं लंच के बाद होने वाले सत्र में दूसरे स्पीकर और डिप्टी स्पीकर कार्यवाही को चलाते हैं। किसान संसद के दोनों सत्र में कितने किसान सदस्य बोलेंगे ये हर स्पीकर और डिप्टी स्पीकर तय करते हैं। इस दौरान हर सदस्य को बोलने के लिए पांच से सात मिनट ही दिए जाते हैं ताकि सभी 200 किसानों को मौका दिया जा सके। हर दिन संसद में सरकार के खिलाफ करीब चार प्रस्ताव भी पेश किए जा रहे हैं।
शुरुआत और समापन 'भारत माता की जय' और राष्ट्रगान से
दिल्ली की सीमा से जैसे ही किसानों का जत्था जंतर-मंतर पहुंचता है, सभी किसान प्रदर्शन स्थल पर जमा होते हैं। किसान संसद की कार्यवाही शुरु करने से पहले और समाप्त करने से पहले सामूहिक राष्ट्रगान का आयोजन किया जाता है। इसके बाद दिनभर की चर्चा के लिए एजेंडा तय किया जाता है। स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के चयन के बाद कार्यवाही शुरु होती है। शाम को सभी सदस्यों को बताया जाता है कि एक दिन में चर्चा में कितने लोगों ने हिस्सा लिया और कितने प्रस्ताव पास किए गए। इसके बाद किसान संसद की कार्यवाही अगले दिन के लिए स्थगित कर दी जाती है।