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Maharashtra: चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा- राज्य के हर सरकारी मेडिकल कॉलेज में एफिलिएटेड नर्सिंग कॉलेज होगा

Fri, 07 Apr 2023 07:27 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, औरंगाबाद (महाराष्ट्र)।

सार

चिकित्सा शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि राज्य के हर मेडिकल कॉलेज में एक संबद्ध (एफिलिएटेड) नर्सिंग कॉलेज होगा। उन्होंने कहा कि उनका इरादा प्रशिक्षित नर्सों की संख्या पर्याप्त मात्रा में बढ़ाने का है।
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चिकित्सा शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन। - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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महाराष्ट्र के हर सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक संबद्ध (Affiliated) नर्सिंग कॉलेज होगा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन ने शुक्रवार को औरंगाबाद में यह बात कही। वह अंगदान के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए यहां राजकीय मेडिकल कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।

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उन्होंने कहा, राज्य के हर मेडिकल कॉलेज में एक संबद्ध (एफिलिएटेड) नर्सिंग कॉलेज होगा। उन्होंने कहा कि उनका इरादा प्रशिक्षित नर्सों की संख्या पर्याप्त मात्रा में बढ़ाने का है। उन्होंने कहा कि सरकार को जिले के पैठण स्वास्थ्य केंद्र को 30 से बढ़ाकर 100 बिस्तर करने का प्रस्ताव मिला है और इस पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा। औरंगाबाद जिले के रहने वाले केंद्रीय मंत्री डॉ भागवत कराड और औरंगाबाद के सांसद इम्तियाज जलील भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

कराड की मांग का जिक्र करते हुए कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की रिक्तियों को अनुबंध के आधार पर भरा जाना चाहिए, महाजन ने कहा कि 1,432 रेजिडेंट डॉक्टरों के पद स्वीकृत किए गए हैं, 778 डॉक्टरों का साक्षात्कार लिया गया है और वे जल्द ही सेवा में शामिल होंगे। मंत्री ने कहा कि ग्रुप डी और सी के कर्मचारियों के 5,056 रिक्त पदों को भरा जाएगा। कुल मिलाकर लगभग 15,000 पद दो महीने के भीतर भरे जाएंगे।
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अंगदान पर महाजन ने कहा कि पश्चिमी देशों में प्रत्येक 10,000 व्यक्तियों में से 3,500 अंगदान करते हैं, जबकि भारत में यह अनुपात 10,000 में से केवल एक है। महाजन ने कहा, इसलिए अंगदान को एक आंदोलन बनना चाहिए न कि इसे केवल एक कार्यक्रम बनकर रहना चाहिए।

सांसद जलील ने अपने भाषण में बताया कि सरकार बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रही है, लेकिन पर्याप्त शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती नहीं की है। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि भाजपा सरकार ने सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है। लेकिन राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी की जिसमें मौजूदा कर्मचारियों को अन्य जिलों में जाने का आदेश दिया गया क्योंकि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा निरीक्षण निर्धारित था। अगर मौजूदा मेडिकल कॉलेजों में टीचिंग स्टाफ के इतने पद खाली हैं, तो केवल भवन बनाने से काम नहीं चलेगा।

जलील ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में टीचिंग स्टाफ होना चाहिए। यह धोखाधड़ी बंद होनी चाहिए और सरकार को खुले तौर पर स्वीकार करना चाहिए कि हमारे पास रिक्तियां हैं। उन्होंने औरंगाबाद के सरकारी मेडिकल कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति में देरी पर भी सवाल उठाया।

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