दो करोड़ की आबादी वाली देश की राजधानी दिल्ली में हर चौथा इंसान कोरोना वायरस से संक्रमित होकर ठीक हो चुका है। एक सीरो सर्वे में यह खुलासा हुआ है। 21,387 लोगों पर किए गए सर्वे में जानकारी मिली है कि 23.48 फीसदी लोगों में कोरोना की एंटीबॉडी मिले हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जिन लोगों में एंटीबॉडी मिले हैं उनमें से ज्यादातर में संक्रमण के लक्षण नहीं थे। हालांकि, अब भी 76 फीसदी से ज्यादा आबादी पर संक्रमण का खतरा बरकरार है। यह अध्ययन नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) ने दिल्ली सरकार के साथ मिलकर किया था।
यह देश में कराए गए अब तक के सबसे बड़े सीरो सर्वे में से एक है। दिल्ली में संक्रमण का पता करने के लिए 27 जून से 10 जुलाई के बीच कोविड कवच एलिसा का इस्तेमाल कर एंटीबॉडी टेस्ट किए गए थे। एनसीडीसी के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार ने बताया कि जांच के लिए दो ग्रुप बनाए गए थे।
पहला ग्रुप 18 वर्ष से नीचे और दूसरा ग्रुप 18 वर्ष से ऊपर का था। एंटीबॉडी विकसित होने में 14 दिन लगते हैं। यह सर्वे दिल्ली में 15 से 20 जून के दौरान संक्रमण की स्थिति दिखा रहा है। उस दौरान प्रदेश में रोज तीन हजार से ज्यादा मरीज मिल रहे थे। डॉ. सिंह ने कहा कि एंटीबॉडी कितने दिन रहता है यह कहना मुश्किल है।
शरीर में दो तरह के एंटीबॉडी बनते हैं। आईजीएम एंटीबॉडी कम समय रहता है। आईजीजी ज्यादा समय रहता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि आबादी के एक बड़े हिस्से पर आज भी संक्रमण का खतरा है। इसलिए रोकथाम के उपाय कड़ाई से जारी रखना जरूरी है। सुरक्षित दूरी बनाए रखना, मास्क, हाथों की सफाई, खांसने के शिष्टाचार का पालन और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना आदि उपायों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।