पतीले में बैठकर नदी पार करते बच्चे
असम के सूतिया गांव के यह बच्चे न केवल हर दिन किताब लेकर स्कूल जाते हैं बल्कि वह अपने साथ एक बड़ा सा बर्तन भी साथ ले जाते हैं। बच्चे इसी बड़े बर्तन में बैठकर नदी को पार करते हैं स्कूल जाते हैं और फिर वापस भी आते हैं। एक ओर जहां देशभर की सड़कों को जोड़ने के लिए स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना चलाई जा रही है वहींदूसरी तरफ एक गांव के बच्चों को स्कूल जाने के लिए सड़क तो छोड़िए पगडंडी तक मौजूद नहीं है।
पतीले में बैठकर नदी पार करने वाले बच्चों का एक वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें देखा जा सकता है कि कैसे बच्चे न सिर्फ पतीले में बैठकर नदी पार कर रहे हैं बल्कि उनके साथ किताबों से भरा स्कूल बैग भी है।
बच्चे पहले नदी के किनारे पतीले को आधा पानी और आधा जमीन पर रखते हैं, फिर उसमें किताबों का बैग रखते हैं और हाथों के सहारे नदी में उतर जाते हैं। फिर धीरे-धीरे हाथ से नदी के पानी को काटते हुए आगे बढ़ते हैं और स्कूल पहुंचते हैं। इन बच्चों में लड़के और लड़कियां दोनों होते हैं। चौंकाने वाली बता यह है कि इससे पहले इस स्कूल के बच्चे केले के थम (पेड़) के सहारे नदी पार करते थे।