रणदीप सुरजेवाला ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष ने 5 युद्धों और अनेकों सर्जिकल स्ट्राइक में हमारे सैनिकों के बलिदानों को अपने 7 अक्टूबर 2016 को दिए भाषण में न केवल नकारा बल्कि सैनिकों की वीरता को भी अपमानित किया।
सुरजेवाला ने मोदी सरकार को कमजोर बताते हुए कहा कि सरकार के ढुलमुल रवैये और बेमेल राजनीतिक दिशा के चलते भारत की सीमाओं पर दुश्मन की लगातार गोलाबारी जारी है और देश की आंतरिक सुरक्षा खतरे में है। प्रेस वार्ता में रणदीप सुरजेवाला ने मोदी सरकार से 10 सवाल भी पूछे।
सवाल नंबर 1
मोदी सरकार से पूछा कि वन रैंक, वन पेंशन को खारिज करके देश के सैनिकों के साथ छल-कपट क्यों किया। उन्होंने कहा कि वन रैंक, पांच पेंशन क्यों बना दिया।
सवाल नंबर 2
मोदी सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल करते हुए पूछा कि मोदी सरकार ने 52 महीनों में पाकिस्तान प्रायोजित आतकंवाद के चलते अकेले जम्मू-कश्मीर में 414 जवान शहीद हुए और 259 नागरिकों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बताए कि पाकिस्तानी सैनिकों ने हमारे देश के शहीदों के सिर काट लिए, लेकिन वह चुप क्यों रहे।
सवाल नंबर 3
सुरजेवाला ने तीसरा सवाल पूछा कि मोदी सरकार देश की सीमाओं की सुरक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि साल 2014 के बाद से पाकिस्तान 3 हजार बार नियंत्रण रेखा पार कर चुका है और पाकिस्तानी घुसपैठ में 500 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि 28 सितंबर 2016 को सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी सरकार ने अपना राजधर्म नहीं निभाया और उसके बाद से पाकिस्तान ने 1604 बार घुसपैठ की है।
वहीं उन्होंने 27 मार्च 2016 को पठानकोट हमले में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकी हमले की जांच के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को क्यों आमंत्रित किया। सुरजेवाला ने कहा कि 30 मार्च 2016 को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कोलकाता में बयान दिया था कि पठानकोट आतंकी हमले में जांच में पाकिस्तान ने गंभीरता से प्रयास किए हैं। सुरजेवाला ने कहा कि ऐसा कह कर शाह ने आईएसआई की सराहना क्यों की।
सवाल नंबर 5
साथ ही कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर देश के रक्षा बजट में कटौती का भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 2018-19 के बजट में सेना के लिए जीडीपी का केवल 1.58 प्रतिशत ही आवंटित किया, जो 1962 के बाद से सबसे कम है। उन्होंने कहा कि सरकार देश के सैनिकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
सवाल नंबर 6
सुरजेवाला ने पूछा कि मेजर जनरल बीसी खंडूरी की अध्यक्षता में संसदीय रक्षा समिति ने खुलासा किया था कि सेना के 68 फीसदी हथियार पुराने हो चुके हैं और नए साजो समान की खरीद के लिए पैसे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह रिपोर्ट मिलने के बाद मेजर जनरल खंडूरी को समिति के अध्यक्ष पद से हटा दिया। उन्होंने पूछा कि मोदी सरकार क्यों रक्षा तैयारियों को षडयंत्रकारी रूप से कमजोर कर रही है।
सवाल नंबर 7
वहीं डोकलाम पर बोलते हुए सुरजेवाला ने पूछा कि सरकार बताए कि चीन ने नॉर्थ-सॉउथ में सेना की पोस्ट से 10 मीटर दूर कैसे मीलिट्री कॉम्पलैक्स बना लिया, जिसमें हैलीपैड, कॉन्क्रिट स्ट्रक्चर, सड़कें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि क्या चीन ने डोकलाम में सड़क बना कर सिलिगुड़ी कॉरिडोर तक घुसपैठ नहीं कर ली है।
सवाल नंबर 8
राफेल घोटाले पर सवाल पूछते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने 126 लड़ाकू विमानों की जगह 36 करने का एकतरफा फैसला क्यों लिया। सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने इस फैसले से देश की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ किया है।
सवाल नंबर 9
कांग्रेस मीडिया प्रमुख ने पूछा कि मोदी सरकार ने माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स को क्यों खारिज किया। यूपीए सरकार ने 64 हजार 678 करोड़ रुपए खर्च और 90 हजार 274 सैनिकों की सीमा पर यह कॉर्प्स बनाने का फैसला किया था, लेकिन मोदी सरकार ने चीन के आगे घुटने टेक कर देश की आतंरिक सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ किया है।
सवाल नंबर 10
नक्सलवाद पर बोलते हुए सुरजेवाला ने सरकार से सवाल पूछा कि साल 2015 के बाद से मोदी सरकार की नाक के नीचे 3200 नक्सली हमले हुए हैं, जिनमें 237 जवान शहीद हुए और 380 से ज्यादा नागरिक मारे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि उन्होंने नक्सलवाद के प्रति नरम रुख अपना कर देश की सुरक्षा को क्यों खतरे में डाल रखा है।
प्रेस वार्ता में इंडियन एक्स सर्विस मैन मूवमेंट के अध्यक्ष मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह ने कहा कि उन्हें वन रैंक, वन पेंशन की लड़ाई लड़ते हुए 1200 दिन बीत चुके हैं। जंतर-मंतर धरना स्थल समेत देश के 153 स्थानों पर पूर्व फौजी भी सम्मान और हक की लड़ाई के लिए एकजुट हुए और धरना दिया। लेकिन मोदी सरकार देश में सैनिकों के सम्मान, अधिकार और प्रतिष्ठा की सुनवाई नहीं कर रही।
उन्होंने कहा कि सरकारें आती हैं और जाती हैं, लेकिन देश का सैनिक हमेशा मरने के लिए तैयार रहता है। रिटायर्ड मेजर जनरल ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक हमारी ट्रेनिंग का हिस्सा है और सैनिक इसे रोज करता है। उन्होंने मोदी सरकार से कहा कि सरकार अपने राजनीतिक फायदे के लिए जवानों की कुर्बानी का फायदा न उठाए।