दिल्ली की अनाज मंडी में रविवार को लगी भीषण आग में 43 लोगों की जान चली गई। सदर बाजार की संकरी गलियों में दमकल कर्मियों को पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मगर ऐसा नहीं है कि सिर्फ सदर, शाहदरा या सीलमपुर की ये संकरी गलियां ही आग से सुरक्षित नहीं हैं बल्कि संसद भवन, वायु भवन और सेना भवन जैसी वीआईपी बिल्डिंग के सुरक्षा मानकों में खामी हैं।
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने जांच में पाया कि उच्च सुरक्षा वाली इमारतों में आग से बचने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए गए हैं। ऐसे में अगर यहां आग लगती है, तो बड़ा नुकसान हो सकता है। वीआईपी मानी जाने वाली लुटियंस दिल्ली में 100 से ज्यादा ऐसी इमारतें हैं, जहां आग से बचाव के पर्याप्त उपाय नहीं हैं।
दिल्ली फायर सर्विस के प्रमुख अतुल गर्ग ने बताया कि इन इमारतों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NoC) की जरूरत नहीं है क्योंकि ये बहुत ही पुरानी हें। जांच में हमने कई खामियां पाईं और इसमें सुधार करने के लिए बदलाव भी सुझाए।
पूर्व डीएफएस प्रमुख आरसी शर्मा इस विभाग में करीब 22 साल रहे। उन्होंने कहा कि ये इमारतें आधुनिक जरूरतों को पूरा नहीं कर सकती है क्योंकि ये बहुत साल पहले बनी हैं। आरसी शर्मा ने कहा, 'ये इमारतें बहुत पुरानी हैं और काफी पहले बनी थीं। इनमें कम्पार्टमेंट और सीढ़ियों के पास दरवाजा बनाने जैसी चीजें नहीं कर सकते। इस वजह से ये इमारतें सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं।' डीएफएस ने पिछले साल इन खामियों को लेकर संसद भवन एक पत्र लिखा था। इसमें उन वीआईपी इमारतों का जिक्र किया गया है, जहां सुरक्षा मानकों में खामियां हैं।
संसद भवन में एक नहीं कई कमियां
- भाजपा के कमरे नंबर 5बी के पास का हॉज पाइप काम नहीं कर रहा है।
- मुख्य पंप और डीजल पंप को भी आटो मोड पर नहीं थे। '
- कई हॉज बॉक्स से ब्रांच पाइप गायब है जबकि कुछ में दो के बजाय सिर्फ एक पाइप है
- मुख्य कंट्रोल रूम का फायर अलार्म और डिटेक्शन पैनल काम नहीं कर रहा
'फायर टेस्ट' में ये वीआईपी इमारतें फेल
- संसद भवन परिसर
- वायु भवन
- सेना भवन
- कई मंत्रालय