फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ethiopia Volcano: आज रात तक उत्तर भारत पहुंचेगी ज्वालामुखी की राख; दिल्ली सहित कई राज्यों में बढ़ेगा धुंधलापन

Tue, 25 Nov 2025 07:03 AM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इथियोपिया के ज्वालामुखी से उठी विशाल राख की परत आज रात तक गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे आकाश धुंधला दिखेगा और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।

विज्ञापन
ज्वालामुखी की राख - फोटो : @indiametsky
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्वी अफ्रीकी देश इथियोपिया में हुए ज्वालामुखी विस्फोट से निकली राख का विशाल गुबार अब तेजी से भारत की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि यह राख आज रात करीब 10 बजे तक पश्चिमी भारत में पहुंच सकती है। इसके बाद यह राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में फैल सकती है। इससे आसमान में धुंधलापन बढ़ने और दृश्यता पर असर पड़ने की आशंका है।
विज्ञापन


उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा राख का गुबार
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राख का यह बादल 15,000 से 45,000 फीट की ऊंचाई पर तेज गति से यात्रा कर रहा है। इसमें ज्वालामुखीय राख, सल्फर डाइऑक्साइड, और कांच व चट्टान के सूक्ष्म कण शामिल हैं, जो आकाश को सामान्य से अधिक गहरा और धुंधला बना सकते हैं।

ये भी पढ़ें:- Ethiopia HayliGubbi Volcano: ज्वालामुखी से विमान संचालन पर असर, केरल से अबू धाबी जा रहा विमान अहमदाबाद डायवर्ट
विज्ञापन


हवाई यातायात पर पड़ सकता है असर
इंडियामेटस्काई मौसम ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि राख का यह गुबार हवाई मार्गों को प्रभावित कर सकता है, जिससे उड़ानों में देरी, हवाई यात्रा का समय बढ़ना, कुछ मार्गों में बदलाव जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों ने कहा गुजरात के पश्चिमी हिस्से में राख का बादल प्रवेश करने वाला है। इसके बाद यह राजस्थान, उत्तर-पश्चिम महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की ओर बढ़ेगा। आगे चलकर यह हिमालयी क्षेत्रों को भी प्रभावित करेगा।



10 हजार साल पहले हुआ था ऐसा ज्वालामुखी विस्फोट
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक 10 हजार साल के बाद इथियोपिया में ऐसा ज्वालामुखी विस्फोट हुआ है। टूलूज एडवाइजरी सेंटर की तरफ से जारी बयान के मुताबिक विस्फोट के बाद राख का गुबार उत्तरी भारत की ओर बढ़ रहा है। इस कारण दृश्यता बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।  इथियोपिया के एर्टा एले पर्वतमाला में इस ज्वालामुखी का आखिरी विस्फोट लगभग 10 से 12 हजार साल पहले हुआ था। राख और धुएं का गुबार लाल सागर से होते हुए ओमान और यमन की ओर भी बढ़ा। इसके बाद धुएं का गुबार पूर्वी दिशा की ओर बढ़ गया। 
विज्ञापन


ज्वालामुखी के कारण विमान संचालन पर असर
इंडिगो कंपनी ने कहा, हमारी टीमें अंतरराष्ट्रीय विमानन निकायों के साथ समन्वय कर रही हैं। इंडिगो के मुताबिक, सुरक्षित और विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित करने के लिए कंपनी सभी जरूरी सावधानी बरत रही है। ज्वालामुखी के कारण विमान संचालन पर असर पड़ा है। चौबीसों घंटे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। यात्रियों की असुविधा कम करने और यात्रा के दौरान उनकी मदद के लिए कंपनी तत्परता से काम रही है। कंपनी इससे जुड़े अपडेट से अवगत कराती रहेगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें