इटावा सफारी पार्क में शेरों की देखरेख को विश्व स्तरीय बनाने की तैयारी है। इसके लिए सफारी के डाक्टर, कीपर और अफसर अमेरिका में प्रशिक्षण लेने जाएंगे। अमेरिका जाने वाली टीम में मथुरा, कानपुर व गुजरात के उन डाक्टरों को भी शामिल किया जाएगा, जो लायन सफारी में अभी तक शेरों की देखरेख से जुड़े रहे हैं।
इटावा सफारी पार्क में शेरों एवं शावकों की मौत के बाद अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सफारी के दिन फेरने के लिए अमेरिका से सहयोग मांगा है। हाल ही में अमेरिकी विशेषज्ञों का दल सफारी पहुंचा था। इन दल के सुझाव पर शेरों की देखरेख में कई बदलाव भी किए गए।
सूत्र बताते हैं कि अमेरिकी विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में सलाह दी है कि सफारी के प्रशासनिक अधिकारी व डाक्टरों को शेर पालने का माकूल अनुभव नहीं है। ऐसे में इन्हें अमेरिका भेज कर प्रशिक्षित किया जा सकता है।
अगर सफारी के अधिकारियों, डाक्टरों व कीपर को अमेरिका में शेरों के पालने की तकनीकी विधि दिखाई जाए तो फायदा मिल सकता है। अमेरिकी दल ने इसकी चर्चा सफारी के निरीक्षण के दौरान भी सफारी के प्रशासनिक अधिकारियों से की थी।
बताया जा रहा है कि इस पर शासन स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिन लोगों को अमेरिका प्रशिक्षण के लिए भेजा जाना है, उनके नाम की सूची भी तैयार कर ली गई है। इस सूची में इटावा सफारी पार्क के अधिकारियों के साथ डाक्टर व कीपर शामिल हैं। साथ ही लखनऊ, कानपुर और मथुरा के उन डाक्टर भी शामिल हैं, जो सफारी में बीमार शेरों की देखरेख में लगे हुए थे।