केंद्रीय पेंशन वितरण प्रणाली की स्थापना के बाद पेंशन का वितरण 138 क्षेत्रीय कार्यालय के डाटाबेस के आधार पर होगा। ईपीएफओ के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (सीबीटी) की 20 नवंबर, 2021 को हुई 229वीं बैठक में सी-डीएसी की ओर से केंद्रीकृत आईटी आधारित प्रणाली के विकास प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 73 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों को अब एक साथ पेंशन मिल सकेगी। इसके लिए केंद्रीय पेंशन वितरण प्रणाली की स्थापना करने की तैयारी है। ईपीएफओ की 29 और 30 जुलाई को होने वाली बैठक में इस प्रणाली के स्थापना प्रस्ताव पर मंजूरी मिल सकती है।
विज्ञापन
इस प्रणाली की मदद से देशभर में 73 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों के खातों में एक बार में ही पेंशन भेजी जा सकेगी। अभी ईपीएफओ के 138 क्षेत्रीय कार्यालय अपने क्षेत्र के पेंशनधारकों के खातों में पेंशन भेजते हैं। इससे उन्हें अलग-अलग दिन और समय पर पेंशन मिलती है।
एक सूत्र ने बताया कि इस प्रणाली की स्थापना के बाद पेंशन का वितरण 138 क्षेत्रीय कार्यालय के डाटाबेस के आधार पर होगा। ईपीएफओ के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (सीबीटी) की 20 नवंबर, 2021 को हुई 229वीं बैठक में सी-डीएसी की ओर से केंद्रीकृत आईटी आधारित प्रणाली के विकास प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इस बैठक के बाद श्रम मंत्रालय ने कहा था कि क्षेत्रीय कार्यालयों के ब्योरे को चरणबद्ध तरीके से केंद्रीय डाटाबेस में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे सेवाओं का परिचालन और आपूर्ति सुगम हो जाएगी।
विज्ञापन
नौकरी बदलने पर ट्रांसफर नहीं कराना होगा पीएफ खाता
केंद्रीकृत प्रणाली लागू होने के बाद ईपीएफओ अंशधारक को फायदे मिलेंगे। इससे डुप्लीकेशन नहीं होगा। इसके अलावा, एक अंशधारक के कई पीएफ खाते मर्जर के बाद एक खाते में तब्दील हो जाएंगे। अगर कोई नौकरी बदलता है तो पीएफ खाता ट्रांसफर कराने का झंझट खत्म हो जाएगा।
पेंशन खाते से निकासी पर मिल सकती है राहत
सूत्र ने बताया कि सीबीटी पेंशन खाते से निकासी को लेकर भी नया नियम लागू करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत उन अंशधारकों को भी पेंशन खाते में जमा राशि निकालने की अनुमति दी जा सकती है, जिन्होंने छह महीने से कम समय तक योगदान किया है। वर्तमान में वही अंशधारक पेंशन खाते से निकासी कर सकता है, जिसने 6 महीने से लेकर 10 साल तक योगदान किया है।