ईडी की कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तनातनी बढ़ गई है। इसे लेकर आज भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने विरोधी दलों को आड़े हाथों लिया। संबित पात्रा ने कहा, जिस तरह से विपक्ष भ्रष्टाचार पर राजनीति कर रहा है, उसे पूरा भारत देख रहा है। संजय राउत पात्रा चॉल मामले में शामिल हैं और विपक्ष उन्हें मोहरा बनाकर राजनीति करने की कोशिश कर रहा है।
पात्रा चॉल का मामला 14-15 साल पुराना
संबित पात्रा ने कहा, क्या भ्रष्टाचार की जांच भ्रष्टाचार की जांच करने वाली विभिन्न एजेंसियों द्वारा नहीं की जानी चाहिए? क्या ईडी को उन मामलों की जांच नहीं करनी चाहिए जहां हजारों करोड़ का घोटाला हुआ? जहां तक संजय राउत और पात्रा चॉल का सवाल है, यह कोई नया मामला नहीं है बल्कि 14-15 साल से चल रहा है।
पात्रा ने कहा, करीब 680 परिवारों के घर नहीं बने। कोई उनके बारे में पता लगाने की कोशिश नहीं कर रहा है। विपक्ष को उनके बारे में पता लगाना चाहिए और उनके दर्द के बारे में जानना चाहिए। यह एक हजार करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा मामला है। ईडी इसकी जांच कर रही है। पैसा और तथ्य सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा, संजय राउत में हक की भावना क्यों है? वह एक सांसद हैं। क्या इसका मतलब यह है कि उनके खिलाफ जांच नहीं होनी चाहिए? ये न्यू इंडिया है। अगर लोगों की गाढ़ी कमाई में भ्रष्टाचार किया जाएगा तो जीरो टॉलरेंस की नीति भी है और इसकी जांच कराई जाएगी।
राहुल गांधी पर पलटवार
वहीं मुंद्रा पोर्ट से लगातार ड्रग्स पकड़े जाने के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए पात्रा ने कहा, राहुल गांधी हल्की राजनीति के लिए जाने जाते हैं। वह राजनीति को लेकर कभी भी गंभीर नहीं होते। उन्हें विषयों का गंभीर ज्ञान नहीं है। वह एक अलग दौर था जब ड्रग्स पकड़े नहीं जाते थे और ड्रग पेडलर्स / माफिया आजाद घूमते थे और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती थी।
आज अगर इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी जा रही है तो भारतीय एजेंसियों द्वारा पकड़ी जा रही है। राहुल गांधी ड्रग्स और तस्करी के बारे में क्या समझेंगे, जब वे पार्टी में व्यस्त थे, तब आतंकवादी 26/11 को अंजाम देने के लिए समुद्र के रास्ते भारत आए थे।
बता दें कि राहुल गांधी ने गुजरात सरकार को निशाने पर लेते हुए ट्वीट किया था कि आखिर मुंद्रा पोर्ट पर इतनी भारी मात्रा में ड्रग्स क्यों पकड़ी जा रही है। गुजरात के युवाओं को नशे में धकेला जा रहा है। क्या यहां माफिया राज है।