श्रीलंकाई नौसेना ने सोमवार को उन छह भारतीय मछुआरों को रेस्क्यू किया जो नाव के इंजन में खराबी के कारण बहकर श्रीलंकाई जल क्षेत्र में फंस गए थे।
तमिलनाडु के रामेश्वरम के रहने वाले ये मछुआरे मछली पकड़ने के लिए समुद्र में गए। रामेश्वरम फिशिंग हार्बर से करीब 532 नावें समुद्र के लिए रवाना हुईं। लेकिन सांगर पांडियन के स्वामित्व वाली नाव में भारत-श्रीलंका समुद्री सीमा के पाक खाड़ी क्षेत्र में एक इंजन में खराबी आ गई।
खराब नाव में सवार थे ये छह मछुआरे
नाव में सवार छह मछुआरों सरवनन, अलेक्जेंडर, एंथनी, ससी, मुरुगन और सुब्बैया ने इस खराबी को ठीक करने की कोशिश की लेकिन वह इसे ठीक करने में असमर्थ रहे।
हवा की तेज गति के कारण श्रीलंकाई जल क्षेत्र में गई नाव
इसके अलावा हवा की तेज गति के कारण नाव श्रीलंकाई जल क्षेत्र में चली गई। नाव को अपनी समुद्री सीमा रेखा में देखते ही श्रीलंकाई नौसेना कर्मियों ने तुरंत एक गश्ती नाव को मौके पर भेजा। उन्होंने नाव के लंकाई जल क्षेत्र में बहने के बारे में पूछताछ की और बाद में नाव की मरम्मत करने का प्रयास किया।
श्रीलंका की नौसेना के कर्मियों ने नाव के मालिक से किया संपर्क
हालांकि, नाव की मरम्मत की कवायद सफल नहीं हुई और उन्होंने नाव के मालिक सागर पांडियन से संपर्क किया और स्थिति के बारे में बताया और उन्हें एक बचाव भेजने के लिए कहा।
नौसेना कर्मियों ने फंसे मछुआरों को सौंपा
इसके बाद नाव के मालिक ने बचाव दल से अनुमति मिलने के बाद फंसे हुए मछुआरों और नाव को लाने के लिए रामेश्वरम मत्स्य बंदरगाह से एक बचाव पोत भेजा। फिर श्रीलंकाई नौसेना ने रामेश्वरम के मछुआरों की नाव को रस्सी से खींचकर बचाव पोत में आए मछुआरों को सौंप दिया और उन्हें भेज दिया।
नाव सहित फंसे हुए मछुआरों को वापस तमिलनाडु भेज दिया गया है। वहीं रामेश्वरम के मछुआरों ने समुद्र के बीच फंसे मछुआरों और नाव कोबचाने में मानवीय सहायता के लिए श्रीलंकाई नौसेना का धन्यवाद दिया।