महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले के कबीर कंबोडिया में 22 दिन की यातनाएं झेलने के बाद किसी तरह स्वदेश लौटे हैं, लेकिन अब भी वहां 15 भारतीय कंपनी में हैवानियत के शिकार हो रहे हैं।
पुणे के सॉफ्टवेयर इंजीनियर कबीर शेख को क्या पता था कि कंबोडिया में पांच हजार डॉलर प्रतिमाह वेतन का ऑफर उसे साइबर गुलाम बना देगा। क्रिप्टो करेंसी में पैसे निवेश कराकर लोगों से ठगी का काम कराया गया, जब उन्होंने मना किया तो मारा-पीटा गया।
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महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले के कबीर कंबोडिया में 22 दिन की यातनाएं झेलने के बाद किसी तरह स्वदेश लौटे हैं, लेकिन अब भी वहां 15 भारतीय कंपनी में हैवानियत के शिकार हो रहे हैं। ताइवान से स्नातक कर रखे कबीर को चीनी भाषा की समझ है। उन्हें कंबोडिया में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट की नौकरी का ऑफर मिला। जब कंबोडिया पहुंचे तो देखा कि कंपनी के कर्मचारी को पीटा जा रहा था।
कबीर ने बताया कि उनका काम कंपनी में मैट्रीमोनियल साइट शादी डॉट कॉम, जीवनसाथी डॉट कॉम और डिवोर्सी डॉट कॉम पर फर्जी प्रोफाइल तैयार करना, इंस्टाग्राम से सुंदर लड़कियों की फोटो डाउनलोड कर प्रोफाइल में जोड़ना और भारतीयों के साथ चैट करना था।