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शिकंजा: ईडी की बड़ी कार्रवाई, यूनिटेक के संस्थापक रमेश चंद्रा और उनकी बहू को किया गिरफ्तार 

Mon, 04 Oct 2021 08:52 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईडी ने आज पीएमएलए 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए यूनिटेक के संस्थापक को गिरफ्तार किया है। उनकी कल कोर्ट में पेशी होगी। 
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यूनिटेक - फोटो : social media
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यूनिटेक के संस्थापक रमेश चंद्रा और उनके बेटे संजय चंद्रा की पत्नी प्रीति चंद्रा को मनी लॉन्ड्रिंग केस (पीएमएलए 2002) में गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही ईडी ने कार्नोस्टी मैनेजमेंट (इंडिया) प्रा. के राजेश मलिक को भी गिरफ्तार किया है। ईडी के मुताबिक इन्हें कल अदालत में पेश किया जाएगा।  

 

 

प्रवर्तन निदेशालय ने इन तीनों को सोमवार शाम को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन्होंने खरीदारों के पैसे का गबन किया और उस पैसे को रियल स्टेट में लगाया। हाल ही में ईडी ने नोएडा में इनकी संपत्ति भी जब्त की थी। 

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बता दें कि संजय चंद्रा और उसका भाई अजय चंद्रा पहले से ही मुंबई जेल में बंद है। इसके पहले वो दिल्ली के तिहाड़ जेल में थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन्हें मुंबई जेल शिफ्ट किया गया।  

इसी साल अगस्त में यूनिटेक के पूर्व निदेशकों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट में आश्चर्यजनक खुलासा किया था। एजेंसी ने बताया कि उसने एक गुप्त भूमिगत कार्यालय का पता लगाया है जिसका संचालन रमेश चंद्रा द्वारा किया जा रहा था। उनके बेटों संजय चंद्रा और अजय चंद्रा ने पैरोल या जमानत पर रहने के दौरान इसका दौरा किया खा।
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चंद्रा पिता-पुत्र और यूनिटेक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही ईडी ने कहा था कि संजय और अजय दोनों ने समूची न्यायिक हिरासत को निरर्थक कर दिया क्योंकि वे जेल के भीतर से खुलेआम अपने अधिकारियों से संपर्क करते रहे। वे उन्हें निर्देश देते रहे और अपनी संपत्तियों से संबंधित मामले निपटाते रहे हैं।

जांच में सामने आए तथ्यों पर सुनवाई करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक के पूर्व प्रर्वतकों संजय चंद्रा और अजय चंद्रा को दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल से मुंबई के ऑर्थर रोड जेल व तलोजा जेल भेजने का आदेश दिया था। साथ ही कोर्ट ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से कहा था कि वह मामले में मिलीभगत को लेकर तिहाड़ जेल के अधिकारियों के आचरण की तत्काल व्यक्तिगत रूप से जांच शुरू करें। 

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