Enforcement Directorate: धनशोधन निवारण कानून के तहत, दिल्ली के डीएलएफ छतरपुर में 12000 वर्ग गर्ज फार्महाउस, वसंत विहार और पंजाबी बाग में आवासीय संपत्ति, हरियाणा के करनाल और पंजाब के मोहाली में आवासीय भूमि अस्थायी रूप से जब्त करने का आदेश जारी किया गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने डेयरी और आइसक्रीम क्षेत्र की बड़ी कंपनी क्वालिटी लिमिटेड के पूर्व प्रवर्तकों की 440 करोड़ रुपये की सपंत्तियां जब्त की हैं। बैंक धोखाधड़ी के आरोप में दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में यह संपत्तियां जब्त की गई हैं। ईडी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
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एजेंसी ने बताया धनशोधन निवारण कानून के तहत, दिल्ली के डीएलएफ छतरपुर में 12000 वर्ग गर्ज फार्महाउस, वसंत विहार और पंजाबी बाग में आवासीय संपत्ति, हरियाणा के करनाल और पंजाब के मोहाली में आवासीय भूमि अस्थायी रूप से जब्त करने का आदेश जारी किया गया। इन सभी संपत्तियों का सम्मिलित बाजार मूल्य 442.85 करोड़ रुपये है।
फर्जी कंपनियों के निदेशक थे ड्राइवर और गार्ड
यह सभी संपत्तियां क्वालिटी के पूर्व प्रवर्तकों सिद्धांत गुप्ता और संजय धींगरा की डमी कंपनियों के नाम हैं। इन कंपनियों में इन दोनों के ड्राइवर, सुरक्षा गार्ड आदि निदेशक बनाए गए हैं। ईडी ने गुप्ता और धींगरा से संबंधित दिल्ली-एनसीआर के 15 लोकेशनों पर नवंबर, 2024 में छापा मारा था। यह कार्रवाई इन दोनों से जुड़ी शेल कंपनियों के मामले में की गई थी। क्वालिटी लिमिटेड बिक चुकी है और अब नए मालिकों के कब्जे में है।
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ईडी ने यह पूरा मामला, सीबीआई की ओर से सितंबर 2020 में दर्ज उस केस के आधार पर खड़ा किया है जिसमें सीबीआई ने गुप्ता, धींगरा और क्वालिटी को बैंकों के एक समूह से 1400 करोड़ रुपये लोन का फ्रॉड करने का आरोपी बनाया था। जांच एजेंसी का कहना था कि कंपनी और उसके प्रवर्तकों ने इस लोन के लिए एकाउंट में हेर-फेर कर ज्यादा बिक्री दिखाई थी।